मनोहरपुर / जयपुर. मनोहरपुर थाना पुलिस ने दिल्ली हाईवे पर टोल प्लाजा के पास रविवार दोपहर पानी के ट्रैक्टर टैंकर में 159 कार्टन हरियाणा निर्मित अंग्रेजी शराब पकड़ी गई। यह शराब चंडीगढ़ से जयपुर में सप्लाई के लिए लाई जा रही थी।
इस मामले में ट्रैक्टर टैंकर चालक व मनोहरपुर थाने में लोक सेवक को 50 हजार रुपए की रिश्वत देकर टैंकर छुड़ाने आए दो लोगों को भी गिरफ्तार कर 50 हजार रुपए जब्त कर लिए।
हरियाणा में सोनीपत निवासी परवीत जोगी (19) को अवैध शराब ले जाने के मामले में गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उसने जयपुर में किसी स्थान पर शराब सप्लाई करने की बात कही।
शराब पकड़े जाने पर जाखल गुडा झुंझुनूं निवासी उत्तम सिंह (24) और उंदरियावास कालवाड़ निवासी भवानी सिंह (35) मनोहरपुर थाने पर आए और 50 हजार रुपए रिश्वत देकर टैंकर छोड़ने की बता कहने लगे। पुलिस ने दोनों को लोकसेवक को रिश्वत देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। हाईवे पर दिल्ली की ओर से जयपुर जाते समय एक पानी के ट्रैक्टर टैंकर से अवैध शराब ले जाने की सूचना मिली। इस पर नाकाबंदी की गई। टोल प्लाजा को पार करने से पहले बिना नंबर के आयशर ट्रैक्टर को पानी का टैंकर ले जाते पकड़ा। पुलिस टीन ने उसे रोकर कर पूछताछ की तो सही जवाब नहीं दे पाया। उसके टैंकर की जांच की। जांच में पाया कि टैंकर में दो पार्ट बने हुए हैं। जिसमें आगे के भाग में शराब के कार्टन भरे हुए थे।
टैंकर में पीछे छोटा पानी भरने का टैंक बनाया हुआ था। जिसमें आधे भरकर उसके नल को थोड़ा खोल रखा था जिससे लोगों में भ्रम रहे कि पानी भरा हुआ है। टैंकर को चेक करने पर 159 कार्टन में शराब मिले। कुछ कार्टन पर सेल फॉर अरुणाचल प्रदेश लिखा था। शराब की बाजार कीमत 6 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है।
हर बार तस्करी का नया तरीका
हरियाणा में शराब के अन्य प्रदेशों की अपेक्षा काफी कम दाम होने के कारण तस्करी की जाती है। मोटी कमाई के चलते शराब तस्कर नए नए हथकंडे अपनाते हैं। पानी के टैंकर में शराब पकड़े जाने से पहले दूध टैंकर, सिमेंट बनाने के रसायन के टैंकर, कंटेनर, सब्जियों के नीचे, चावल की भूसी में दबाकर अवैध तरीके से शराब ले जाने के मामले पकड़े जा चुके। शराब चेन सिस्टम के माध्यम से ले जाई जाती है। जिस वाहन में शराब भरी होती है उसके चालक को यह पता नहीं होता यह शराब कहा ले जाई जा रही है।
तस्कर एक निश्चित तय स्थान पर वाहन चालक को बदल देते हैं। जिस वाहन में शराब भरी होती है उसके आगे पीछे निगरानी करते हुए गिरोह के लोग लग्जरी कार या बाइक से चलते हैं। नाकाबंदी मिलने पर तस्कर शराब से भरे वाहन को ढाबों पर खड़ा करवा देते है। नाकाबंदी हटने पर वाहन को पार करवा दिया जाता है।