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बाघों के लिए घोषित बफर एरिया में 2 साल से माइनिंग

7 वर्ष पहले
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रणथंभौरटाइगर रिजर्व के पास जिस माइनिंग एरिया में बाघों के मूवमेंट को देखते हुए वन विभाग ने ढाई साल पहले ही ‘बफर एरिया’ घोषित कर दिया, वहां केवल माइनिंग होती रही, बल्कि अब उस एरिया में खनन कार्य करने की छूट देने का दबाव बनाया जा रहा है। मामला लाखेरी-इंद्रगढ़ वनक्षेत्र के 409.88 हेक्टेयर (208 तो पुराना, जिसका रिनुवल होना है और 200 नया फॉरेस्ट जो डायवर्जन के लिए मांगा है) में माइनिंग का है। यहां एसीसी कंपनी के पास 13 जुलाई, 2013 तक माइनिंग की स्वीकृति थी। इसी बीच वन विभाग ने जुलाई 2012 में बाघों के मूवमेंट को देखते हुए इसे बफर क्षेत्र घोषित कर दिया। इसके बावजूद यहां माइनिंग होती रही। अब जब फर्म ने माइनिंग लीज अवधि बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को लिखा तो बफर एरिया में चलती रही अवैध माइनिंग को लेकर हड़कंप मचा। मामला सीएमओ से वन विभाग के सचिव के पास पहुंचा। अब सवाल यह है कि बफर जोन में अव्वल तो माइनिंग क्यों होती रही। दूसरा अहम सवाल करोड़ों रुपए की लीज का है, जो बकाया है। संबंधित फर्म माइनिंग रिनुवल और सरकार के कई आला अफसर खनन के लिए वन विभाग के अफसरों पर वर्क-परमिट जारी करने का दबाव बना रहे हैं।

छिपा रहे हैं अब अपनी गलती

हमारीकंपनी 100 साल से उस एरिया में लीगल खनन कर रही थी, लेकिन वन विभाग ने टेबल वर्क के चलते उस एरिया को वाइल्ड लाइफ के बफर जोन में डाल दिया। अब सरकार की इस गलती की सजा हम क्यों भुगतें? हम तो लीज अमाउंट भी देने के लिए तैयार हैं, लेकिन सरकार यह राशि भी नहीं बता रही। अब अपनी गलती छिपाने के लिए हमको स्वीकृति जारी नहीं कर रहे।

-हरेंद्रसिंह, एसीसीलिमिटेड के कॉर्पोरेट अफेयर संबंधी ऑफिसर

सरकारदेख रही है मामला

संबंधितएरिया में कई साल से माइनिंग हो रही थी। इस बीच उसे बफर में शामिल कर लिया। संबंधित अफसरों ने इसकी जानकारी नहीं दी। अब मामला राज्य सरकार से केंद्र सरकार को भेजा गया है। माइनिंग का क्या होगा? यह मामला सरकार देख रही है।

-एसएनसिंह, चीफवाइल्ड लाइफ वार्डन

यही नहीं संबंधित फर्म ने केंद्र सरकार को 10 अक्टूबर, 2014 को पत्र लिखकर मौजूदा वन और बफर जोन में खनन कार्य के लिए एक साल की अवधि बढ़ाने की मांग की है। जबकि संबंधित एरिया को बफर जोन घोषित करने के बाद मुख्य वन संरक्षक कोटा की ओर से 24 दिसंबर, 2013 (पत्र क्रमांक 12353) उप वन संरक्षक बूंदी