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डोनर नहीं मिला तो खून नहीं चढ़ाया, महिला की सांसें थमीं
जयपुर | शहरके गणगौरी अस्पताल में एक महिला की खून नहीं मिल पाने के कारण मौत हो गई। इस महिला ने 7 दिन पहले ही ऑपरेशन के जरिये बच्चे को जन्म दिया था और वह पीलिया से भी पीड़ित थी। डॉक्टरों ने खून चढ़ाने की जरूरत बताई, लेकिन परिजन तो ब्लड उपलब्ध करा सके ही कोई डोनर। अस्पताल प्रशासन ने भी गंभीर हालत में भर्ती इस महिला को खून दिलाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए, नतीजतन उसकी सांसें थम गईं। महिला जमुना रॉय सोढाला में शिव कॉलोनी, सुशीलपुरा की रहने वाली थी।
दो दिसंबर को उसे श्याम नगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां चार दिसंबर को उसने ऑपरेशन से बच्चे को जन्म दिया। बाद में फिर तबीयत बिगड़ी तो 10 दिसंबर को गणगौरी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी तबीयत लगातार खराब होती गई।
आखिर खून की उपलब्धता नहीं होने पर गुरुवार दोपहर उसने दम तोड़ दिया।
यह भी हो सकता था
मरीजोंको डोनर के आधार पर खून देते हैं, लेकिन इमरजेंसी में अस्पताल अधीक्षक वॉलेंटियर स्टॉक में से ब्लड दे सकता है। -डॉ.सुभाष नेपालिया,
प्रिंसिपल,एसएमएस मेडिकल कॉलेज
नियमों के फेर में उलझ गई धड़कन
महिलाको परिजन ब्लड नहीं दे सके और ब्लड नहीं चढ़ सका। यदि उसे एक यूनिट ब्लड डोनेट कर दिया जाता तो शेष ब्लड हम दे देते, लेकिन एक यूनिट डोनर का देना जरूरी है।
-डॉ.अजय माथुर, अधीक्षक,गणगौरी अस्पताल।
जमुना ने सात दिन पहले ही इस मासूम को जन्म दिया था। अभी आंखें भी पूरी तरह नहीं खुलीं कि प्रशासन और चिकित्सा विभाग की लापरवाही ने मां को इतनी दूर कर दिया कि वह उसे दोबारा कभी नहीं देख पाएगा।
चिकित्सा विभाग ने पहले तो सोढाला में फैले पीलिया की सुध नहीं लेकर महिला को अस्पताल तक पहुंचाया और बाद में अस्पताल में नियमों का हवाला देकर उसकी जान ले ली।
सोढाला में पीलिया से पहली मौत, 100 से ज्यादा मरीज, फिर भी कोई सुध लेने को तैयार नहीं
सोढालामें पिछले एक माह से पीलिया ने पैर फैला रखे हैं। महिला जमुना रॉय इस बीमारी से दम तोड़ने वाली पहली मरीज हैं। इस इलाके में 35 लोगों में पीलिया होने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है, जबकि स्थानीय नागरिकों के अनुसार यह आंकड़ा 100 से ज्यादा है। लोगों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में हालात बिगड़े हुए हैं, लेकिन तो चिकित्सा विभाग सुध ले रहा है, ही सरकार का कोई कारिंदा