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भारत में होटल मैनेजमेंट अनुबंधनों पर विशेष अनुसंधान पब्लिश करने के लिए एफएचआरएआई और जेएलएल में कॉलोब्रेशन
फैडरेशनऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएचआरएआई) और जॉन्स लैंग लासेल (जेएलएल) होटल्स एंड हॉस्पिटेलिटी ग्रुप ने संयुक्त रूप से एक रिपोर्ट प्रकाशित की है, जो भारत में होटल मैनेजमेंट अनुबंधनों के मौजूदा रुझान की समीक्षा करती है। यह अपनी तरह का पहला सर्वेक्षण है, जो विशेष रूप से भारतीय बाजार पर ध्यान केंद्रित करता है। इसे एफएचआरएआई के 49वें एनुअल कन्वेंशन के अंतिम दिन रविवार को जारी किया गया।
कन्वेंशन के अंतिम दिन हुए सेशन में इंडियन होटल मैनेजमेंट कॉन्ट्रैक्ट्स- आर ओनर्स बिगनिंग टू गेट बैटर डील पर पैनेलिस्ट ने अपने अलग विचार रखे। सेशन आर वी गेयर्ड अप फॉर मैनपॉवर चैलेंज टू प्रोवाइड फॉर दी कैपेसिटी बिल्ड अप 2020 को एनहांसिंग कंसल्टेंसी की सीईओ नीना चतरथ ने मॉडरेट किया। इसमें पैनिस्ट के तौर पर इंटरनेशनल चैंबर ऑफ सर्विस इंडस्ट्री से जुड़े डॉ. गुलशन शर्मा ने बताया कि हमें कम्यूनिकेशन की नहीं बल्कि कनेक्शन की जरूरत है। माइंड टू माइंड, सोल टू सोल हार्ट टू हार्ट जोड़ने की बात कही गई। उन्होंने कहा, रेगुलर आने वाले गेस्ट को ह्यूमन टच चाहिए होता है लेकिन अब वो मिसिंग है।
इस सेशन को स्पेशल एड्रेस कर रही मिनिस्ट्री ऑफ इंडिया टूरिज्म की एडिशनल जनरल डायरेक्टर उषा शर्मा ने कहा, पहले इस इंडस्ट्री को ग्लैमर के तौर पर लिया जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं हैं। सरकार प्लान देशभर में पचास टूरिस्ट सर्किट बनाने का है, जो हैरिटेज और आर्कियोलॉजी जैसे पहलुओं पर आधारित होंगे। इससे यंग जेनरेशन को रोजगार मिलेगा। गवर्नमेंट इस बात को जानती है कि आने वाले सालों में बारह प्रतिशत टार्गेट ग्रोथ के साथ आगे बढ़ रहा है। ऐसे में स्किल्ड मैनपॉवर की जरूरत होगी। इंडस्ट्री को मैनपॉवर मिले, इसके लिए डिपार्टमेंट की ओर से सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्सेज शुरू किए गए हैं।
एफएचआरएआई कन्वेंशन में अपना पुश्तैनी टोप पहनकर आए पुष्कर से ठाकुर जितेन्द्र सिंह। उन्होंने बताया कि ये टोप 3-4 सौ साल पुराना है।
कम्यूनिकेशन के साथ कनेक्शन की है जरूरत