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सरकारी टीचर को सैलेरी तो अच्छी मिल रही, मगर रिजल्ट खराब : कटारिया
शिक्षा संकुल के बाहर शिक्षकों ने किया प्रदर्शन
खफा शिक्षाविदों ने शिक्षामंत्री को जमकर सुनाई खरी-खरी
शिक्षकों को सच स्वीकार करना होगा : सराफ
जयपुर | एजुकेशनसिस्टम में ब्यूरोक्रेसी द्वारा समस्त नीतिगत निर्णय लिए जाने से खफा शिक्षाविदों ने शिक्षामंत्री कालीचरण सराफ के समक्ष जमकर नाराजगी जताकर खुद का विरोध दर्ज कराया।साथ ही मांग रखी कि हायर एजुकेशन के तंत्र को स्वतंत्र और स्वायत्त बनाकर संवैधानिक पहचान दिलाई जाए।
मौका था, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के तत्वावधान में राजस्थान यूनिवर्सिटी में आयोजित राष्ट्रीय परिसंवाद के समापन कार्यक्रम का। शिक्षामंत्री ने कहा कि प्रदेश में निजी कॉलेज और विश्वविद्यालय मनमानी रोकने के लिए शीघ्र ही नियामक आयोग का गठित होगा। शिक्षाविदों का सलाहकार बोर्ड बनेगा। सरकारी कॉलेजों में 1018 पदों पर व्याख्याताओं की भर्ती जल्द की जाएगी। मंत्री की इस घोषणा के बाद महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष डॉ विमल प्रसाद अग्रवाल ने शिक्षामंत्री से शिकायत की कि उनके रहते हुए विभागीय अतिरिक्त मुख्य सचिव, सचिव जैसे अधिकारी महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय ले रहे हैं। सभी अधिकारी अनियंत्रित हो रहे हैं। अगर सलाहकार बोर्ड में नौकरशाही का हस्तक्षेप रहा तो कोई शिक्षाविद इसमें शामिल नहीं होगा।
महासंघ के महामंत्री प्रो.जे.पी.सिंघल ने कहा कि जब तक शिक्षा को स्वायत्त नहीं बनाया जायेगा तब तक उसे उच्च शिखर पर ले जाना संभव नहीं है और इसे ब्यूरोक्रेसी मकडज़ाल से दूर करने की आवश्यकता है। वर्तमान में कार्यरत शिक्षा के सभी नियामक तंत्र यू.जी.सी, एआइ.सी.टी., मेडिकल काउंसिल, तकनीकी काउंसिल आदि में तालमेल का अभाव में इस वजह से हमारी शिक्षा खण्ड-खण्ड की हो गई है।
संगोष्ठी के आयोजन सचिव प्रो.नंदकिशोर पाण्डेय ने बताया कि इस राष्ट्रीय परिसंवाद में देशभर से 580 शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया इन्होंने उच्च शिक्षा के संचालन, स्वायत्तता, वित्तीय प्रबंधन, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ ही सार्वजनिक निजी सामुदायिक भागीदारी पर मंथन किया। इस दौरान सामने आए सुझावों की एक रिपोर्ट तैयार करके केंद्र को सौंपा जाएगा। कार्यक्रम में राजस्थान यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. देव स्वरूप सहित कई विश्वविद्यालयों के कुलपति मौजूद रहे। इससे पूर्व कार्यक्रम म