यहां करता रहा सोनोग्राफी
एक्सपर्ट व्यू
िदल्ली में तैनात डॉक्टर राजस्थान के 12 केंद्रों पर करता था सोनोग्राफी
झुंझुनूके सिंघाना कस्बे में 22 जून को भ्रूण लिंग जांच करते हुए पकड़े गए डॉक्टर योगेश कुमार के मामले में नया खुलासा हुआ है। दिल्ली के हरि नगर में दीनदयाल उपाध्याय गवर्नमेंट हॉस्पिटल में कार्यरत डॉ. योगेश का राजस्थान दिल्ली के 12 सेंटरों पर सोनोग्राफी करने का पता चला है, जिसके बाद स्टेट पीसीपीएनडीटी सेल ने अन्य राज्यों से भी डाटा मंगवाया है। संभवतया यह देश का पहला मामला है, जिसमें एक डॉक्टर सरकारी सेवा में रहते हुए कई जगह सोनोग्राफी करता है, जबकि नियमानुसार एक डॉक्टर जिले में दो से अधिक सेंटरों पर सोनोग्राफी नहीं कर सकता।
पंजाब,हरियाणा, यूपी से भी जुड़ सकते हैं तार : राजस्थानके विशिष्ठ शासन सचिव (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवाएं) नवीन जैन का कहना है कि स्टेट पीसीपीएनडीटी सेल की टीम को दिल्ली भेजने पर डॉ.योगेश के 12 निजी सेंटरों पर सोनोग्राफी करने की पुष्टि हो गई है। स्टेट नोडल अधिकारी (पीसीपीएनडीटी सेल) एवं उपनिदेशक (आरसीएच) किशनाराम ईशरवाल ने बताया कि डॉ.योगेश के बारे में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश से भी सूचना एकत्र की जा रही है। दीनदयाल उपाध्याय हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ.एके मेहता ने बताया कि योगेश 2004 से संविदा तथा 15 मई 2012 से स्थायी पद पर कार्य कर रहा है।
लोकसवेक के निजी में सेवा देना दंडनीय अपराध
पीसीपीएनडीटीसेल के विधि सलाहकार देवेन्द्र सिंह का कहना है कि सरकारी सेवा में रहते हुए किसी भी व्यक्ति के निजी अस्पताल में सेवा देना दंडनीय अपराध तथा सजा का प्रावधान है। पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत कोई भी सोनोलोजिस्ट जिले में दो से अधिक सेन्टरों पर सोनोग्राफी नहीं कर सकता। यह आईपीसी की धारा 168 के तहत दंडनीय अपराध है, जिसमें एक साल की सजा है।
प्रदेश में 2266 पंजीकृत सोनोग्राफी सेंटर
राजस्थानमें 142 सरकारी और 2124 निजी सोनोग्राफी सेंटर पंजीकृत हैं। अब तक राजस्थान मेडिकल काउंसिल 21 डॉक्टरों का पंजीकरण निलंबित कर चुकी है।
घटनाक्रम
>पीसीपीएनडीटी टीम ने 22 जून को सिंघाना के इंदु सोनोग्राफी सेन्टर का निरीक्षण के दौरान सोनोलोजिस्ट डॉ.योगेश कुमार को भ्रूण लिंग परीक्षण मामले में अन्य व्यक्ति के साथ पकड़ा
> 23 जून को मामला दर्ज
> 18 अगस्त को गिरफ्तारी के बाद जेल में बंद