जयपुर. भारत सरकार के खाद्य सुरक्षा कानून को अमली जामा पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राशन कार्डों में कई तरह की गलतियां सामने रही है। हालत यह है कि नाम किसी का है, पता किसी और का है और फोटो का तो पता ही नहीं कि है किसका। विभाग के अधिकारी अब इन कार्डों में संशोधन के लिए विशेष शिविर लगाने की बात कह रहे हैं।
आमजन को भोजन की गारंटी देने के लिए केंद्र की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने खाद्य सुरक्षा कानून को लागू किया था। रविवार को मालवीय नगर में राशन कार्ड वितरित हुए। यहां बड़ी संख्या में लोग राशन कार्ड की गलत एंट्री की शिकायत करते नजर आए। एक व्यक्ति के कार्ड में तो नाम उसका था और फोटो, बस पता उसका लिखा हुआ था।
एक अन्य व्यक्ति के कार्ड में मकान नंबर किसी ओर का लिखा हुआ था, साथ ही उसकी आयु भी गलत लिखी थी। एक कार्ड ऐसा भी था, जिसमें उसकी प|ी की आयु वाले खाने में एन.ए. यानी नॉट अवेलेबल छपा हुआ था। इसके अलावा ऐसे भी कई लोग थे, जिन्होंने आवेदन किया था और तमाम दस्तावेज भी जमा किए थे, लेकिन उनके राशन कार्ड बने ही नहीं। वितरण करने वालों ने आवेदनकर्ताओं को बताया कि एक पते पर एक से ज्यादा राशन कार्ड नहीं बन सकता। खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार लोगों ने जो जानकारी आवेदन पत्र में भरी वही कार्डों में प्रकाशित की गई है। जिनके कार्डों में गलती है या नहीं बनकर आए हैं उनके लिए नए कार्ड बनाने के लिए इसी महीने से विशेष शिविर लगाए जाएंगे।