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एक मुलाकात ने बदल दी दो डेंटिस्ट की दुनिया
जब दो अलग-अलग शहरों के डेंटिस्ट ने साथ मिलकर चखा सफलता का स्वाद
सिटीरिपोर्टर जयपुर
कहतेहैं दो अलग सोच, अलग विचार के लोग भी अच्छे जीवनसाथी बन जाते हैं। ऐसे में दोनों का प्रोफेशन भी एक हो तो उनकी आपसी समझ और भी बेहतर हो जाती है। ऐसे ही प्यार भरे बंधन की कहानी है डॉ. सतभूषण और डॉ. शारदा थापर की। आज दोनों ही शहर के सफल डेंटिस्ट हैं और परस्पर आपसी प्यार के साथ आगे बढ़े हैं। सतभूषण को सालों पहले लुधियाना के विजिट ने उनकी लाइफ पार्टनर से मिलाया।
छोटीसी मुलाकात
डॉ.सतभूषण कहते हैं, मैंने लुधियाना से पढ़ाई की। इसके बाद जयपुर में अपनी प्रेक्टिस करता था। फिर एक बार लुधियाना विजिट पर गया तो सोचा मेरे कॉलेज प्रोफेसर से मिलना चाहिए। कॉलेज में प्रोफेसर से मिलने पहुंचा तो वहां शारदा पहले से मौजूद थीं। मैं अपना जीवन साथी डेंटिस्ट ही चाहता था। मेरी नजर इन पर गई और मन में ख्याल आया कि ये लड़की मेरे जीवन में जाए तो क्या कहना। ये मुझे काफी पसंद आईं। बस उसी दिन से मन में ठान लिया कि शादी करूंगा तो इसी से। मेरे चाचा इनके पिता के परिचित थे, तो झटपट से रिश्ते की बात आगे बढ़ा दी।
मिलगए दोनों के विचार
शारदाकहती हैं, कॉलेज में अव्वल रहने के कारण मुझे जल्दी ही गवर्नमेंट जॉब मिल गई थी। शादी के बाद भी अपनी प्रेक्टिस जारी रखना चाहती थी। जब सतभूषण मुझे देखने आए तो मैंने इन्हें पहचान लिया। फिर क्या मैंने अपनी काम करने की इच्छा इनके सामने शर्त के रूप में रख दी। हंसते-मुस्कुराते साफ-साफ बोल दिया कि शादी के बाद प्रेक्टिस और जॉब करने दोगे तो ही आपके साथ शादी करूंगी। दोनों के विचार मिले और रीति-रिवाज़ से शादी हो गई।
घरके काम में हाथ बंटाते
सतभूषणकहते हैं, मैंने शारदा से कभी घर का काम नहीं कराया, क्योंकि मेरा मानना था कि दोनों को बराबर ही फैसिलिटी और महत्व मिलना चाहिए। यही वजह है कि जब कभी घर में कुक नहीं होता तो मैं ही इनके लिए खाना बनाया करता था।
डॉ. सतभूषण और शारदा थापर।
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