\"दुख के समय प्रभु का स्मरण करें\'
\\\"दुख के समय प्रभु का स्मरण करें\\\'
जयपुर| संसारीजीव को दुख संकट के समय घबराना नहीं चाहिए, बल्कि संकट के समय धैर्यपूर्वक परमात्मा का ध्यान करना चाहिए। ऐसा करने वाले ही दुख से छुटकारा पाते हैं, बल्कि मुक्ति के सुख को प्राप्त करते हैं। उक्त उद्गार आचार्यश्री गुप्तिनंदी महाराज ने घी वालों का रास्ता स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर ठोलियान में महावीर कथा के 8वें दिन व्यक्त किए। आचार्यश्री ने कहा कि भगवान महावीर ने हिंसा की आग में अहिंसा का शंखनाद करने की भावना से मंगसिर कृष्णा दशमी के दिन दीक्षा ग्रहण की। दीक्षा लेते ही परिणामों की विशुद्धि से मन:पर्यय ज्ञान एवं अनेक ऋद्धियां प्रकट हो गईं।