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छात्रसंघ चुनाव में जीत की ‘हवा’ से कांग्रेस करेगी भाजपा ‘लहर’ का मुकाबला
निकायचुनावों में करारी हार का सामना करने वाली कांग्रेस अब पंचायत चुनाव में राजस्थान यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में जीत की हवा से भाजपा की लहर का मुकाबला करने वाली है। रिजल्ट से कांग्रेस बेहद उत्साहित है। जबकि, छात्रसंघ चुनाव अगस्त माह यानी निकाय चुनाव से पहले हो गए थे। रिजल्ट 106 दिन बाद निकाला गया है। छात्रसंघ के चुनाव अगस्त में उस दौर में हुए थे जब विधानसभा की चार सीटों के उपचुनाव में तीन पर कांग्रेस जीती थी।
भाजपा को तीन सीटों का नुकसान उठाना पड़ा था। यह अलग बात है कि कांग्रेस को उपचुनाव में मिली जीत का असर नवंबर में हुए निकाय चुनाव में बेअसर साबित हुआ। कांग्रेस को अप्रत्याशित हार झेलनी पड़ी। कांग्रेस पहले चरण में हुए 46 निकायों के चुनाव में 6 पर सिमट गई। अब अगले माह जनवरी में प्रस्तावित पंचायत चुनाव से ठीक पहले छात्र संघ चुनाव की जीत कांग्रेस के लिए अच्छी खबर लेकर आई है। गांवों की सरकार के वर्तमान स्वरूप में 33 जिला परिषदों में से 24 में जिला प्रमुख और 248 पंचायत समितियों के प्रधानों में से 159 पर कांग्रेस काबिज है। भाजपा के महज 8 जिला परिषदों में प्रमुख और 72 पंचायत समितियों में प्रधान है। यह चुनाव इस लिहाज से भी कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण हो गया है कि पुनर्गठन के बाद 47 पंचायत समितियां बढ़ गई हैं। ऐसे में कांग्रेस अपनी पुरानी स्थिति को कायम रखने के लिए छात्रसंघ चुनाव की जीत को ही पंचायत चुनाव में भुनाने की कोशिश करेगी।
उधर, देश, प्रदेश निकाय चुनाव की जीत से उत्साहित भाजपा फिलहाल 13 दिसंबर को प्रदेश में एक साल पूरा होने का जश्न की तैयारियों में जुटी है। भाजपा नेता मानते हैं कि पार्टी की लहर जारी रहेगी। प्रदेश में पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है। राज्य चुनाव आयोग ने वोटर लिस्टों के संशोधन का कार्य शुरू कर दिया है। नियमों के मुताबिक 23 जनवरी को पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। संवैधानिक तौर पर राज्य में इससे पहले चुनाव कराए जाने जरूरी हैं। हालांकि, कुछ पंचायतों के पुनर्गठन का मसला हाईकोर्ट में चल रहा है, जहां चुनावों की तैयारियों पर चुनाव आयोग ने रोक लगा रखी है।
इस बार 47 प्रधान ज्यादा
प्रदेशमें वर्ष 2010 की तुलना में जिला प्रमुख की संख्या (33) में बदलाव नहीं हुआ है। पंचायत समितियां 248 से बढ़कर 295 हो गई हैं। पिछले पंचायत चुनाव के मुकाबले 47 प्रधान