दवा के अभाव ने 91 लोगों को डसा
समय पर दवा मिलती तो आईसीयू नहीं, घर पर होता
पूरेराज्य में 45 दिन से सांप काटने की दवा (एएसवी इंजेक्शन) नहीं मिल रही। इस दौरान 91 लोगों की मौत हो गई, पर सरकार की नींद नहीं खुली। संबंधित विभागों के पास तो सांप के काटने से हुई मौतों के आंकड़े हैं, दवा की कमी की ठोस जानकारी और ही इस कमी से निपटने का कोई उपाय।
हर जिले से चिकित्सा महकमे के पास एएसवी इंजेक्शन की डिमांड भेजी जा रही है। वहीं, सरकारी अस्पतालों के साथ ही कैमिस्ट स्टोर में भी ये इंजेक्शन खत्म हो गए हैं। अफसरों ने बताया- चार महीने पहले सरकार ने दवा की कीमत 950 रु. से घटाकर 450 कर दी। इसके बाद कंपनी ने उसका उत्पादन ही रोक दिया। विभाग को जुलाई के अंतिम सप्ताह में 25 हजार इंजेक्शन मिले थे, जो उस समय भी जरूरत के आधे से भी कम थे। अब स्थिति ये है कि 33 जिलों में से 25 में एएसवी इंजेक्शन बिलकुल ही खत्म हो गए हैं। गौरतलब है िक स्नेक बाइट के केस में औसतन 10 इंजेक्शन लगते हैं। कोबरा के काटने पर ये संख्या 40 तक पहुंच जाती है।
बाड़मेर में सातलोगभर्ती
जयपुर 3
भीलवाड़ा37
दौसा5
उदयपुर2
सीकर1
बांसवाड़ा5
पाली13
सिरोही2
अजमेर4
भरतपुर11
अलवर 6
कोटा2
आंकड़े : अस्पतालों के रिकार्ड के अनुसार
कहां कितनी मौत