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गलत पट्टा देने पर सरपंच बर्खास्त पंचायत चुनाव लड़ने पर भी रोक

7 वर्ष पहले
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भ्रष्टाचार के िखलाफ दो फैसले

इलाज के लिए रिश्वत ली, दो साल कैद

जोधपुर। गलत तरीके से जमीन पट्‌टे देने के आरोप में बाप गांव के सरपंच भगवानदास कुमावत को बर्खास्त कर दिया गया और पांच साल तक चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई। सरपंच के विरुद्ध नियम विरुद्ध पट्टे जारी करने के साथ एनओसी देने के आरोप लगाए गए थे। नियम विरुद्ध भूमि स्वामित्व प्रमाण-पत्र जारी करने संबंधी संस्थित प्रकरण की प्राथमिक जांच अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद जोधपुर से करवाई गई थी। 26 मई 2014 में दोष सिद्ध पाए जाने पर प्रकरण में संस्थित आरोपों की पंचायती राज नियम 1996 के नियम 22(3) अंतर्गत विस्तृत जांच अतिरिक्त जिला कलेक्टर फलौदी से करवाई गई। जांच अधिकारी ने भी आरोपों को प्रमाणित पाया तथा 19 सितम्बर 2014 को रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी। दोषी जाए जाने पर कुमावत को पद से हटाने का प्रस्ताव 7 अक्टूबर 2014 को शासन सचिव एवं आयुक्त पंचायती राज विभाग, शासन सचिवालय राजस्थान जयपुर को अनुमोदनार्थ प्रेषित कर दिया गया।

जोधपुर। अच्छाइलाज करने के एवज में सर्पदंश से पीड़ित के रिश्तेदार से 1500 रुपए की रिश्वत लेने के आरोपी डॉक्टर को भ्रष्टाचार निवारण मामलात की विशेष अदालत ने दो वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार जैन ने पाली जिले में सोजत सिटी स्थित राजकीय अस्पताल के डॉक्टर टीकमचंद को इलाज के लिए रिश्वत लेने का दोषी ठहराते हुए सोमवार को यह सजा सुनाई। सहायक निदेशक अभियोजन बरकत अली का कहना था कि समाज में डॉक्टर को भगवान का रूप माना जाता है, ऐसे व्यक्ति को रिश्वत लेने के आरोप में कड़ी सजा दी जानी चाहिए।