जयपुर. लालवास स्थित सीआरपीएफ की ओर से जयसिंहपुरा खोर में एक किसान की खातेदारी भूमि पर कब्जे को लेकर विवाद नहीं थम रहा है। संबंधित खातेदार का कहना है कि सीआरपीएफ खसरा नं. 167 (रकबा 4 बीघा 2 बिस्वा) पर फेंसिंग कर इस जमीन पर खुद का जता रही है, जबकि उनकी ओर से तहसीलदार आमेर के आदेशों पर पटवारी और संबंधित भूअभिलेख निरीक्षक की ओर से सीमांकन कराया गया तो यह खातेदारी भूमि होना सामने आया।
इसके बाद खातेदार ने सीआरपीएफ अफसरों को इससे अवगत कराया तो वो भी वो इस ओर ध्यान नहीं देकर यही कहते रहे हैं कि जमीन उनकी है और फोर्स इसे खाली नहीं करेगी। इसके बाद खातेदार कभी राजस्व अधिकारियों के यहां तो कभी सीआरपीएफ अफसरों के यहां भटक रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। संबंधित शिकायतकर्ता ताराचंद सैनी का कहना है कि हमारी पूरी 4 बीघा 2 बिस्वा जमीन पर सीआरपीएफ का कब्जा है।
हम दो साल से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन वे मानने को तैयार ही नहीं। राजस्व अधिकारियों से सर्वे कराकर उनको हकीकत भी बता दी, फिर भी हमारी जमीन देने से इनकार कर दिया और कहते हैं कि कभी फोर्स भी जमीन खाली करती है क्या? हम चाहते हैं कि सीआरपीएफ एक साझा सीमांकन और करा ले, इससे स्थिति साफ हो जाएगी। उधर सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट श्रवण राम से बात की गई तो उन्होंने खुद जवाब नहीं देकर कंट्रोल रूम में बैठे जवानों से यही जवाब दिलाया कि उन्होंने किसी जमीन पर कब्जा नहीं कर रखा। एक बार मामले को और दिखवा लेंगे।