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सफाई नहीं, जनता गुस्से में है हमें कोसती है...इस्तीफा ले लो
वार्डोंकी सफाई करवाने में विफल भाजपा पार्षदों ने मेयर के सामने इस्तीफे की पेशकश कर दी। पहली साधारण सभा से पूर्व रखी गई प्री-बोर्ड बैठक में कई पार्षदों सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की। एक पार्षद ने तो यहां तक कह डाला कि मैं पार्षद हूं और अपनी कॉलोनी की ही सफाई नहीं करवा सकता। जनता रोज सवाल करती है, क्या जवाब दूं? इससे अच्छा है मेरा इस्तीफा ले लो। मेयर ने नाराज पार्षदों के साथ डेमेज कंट्रोल की कोशिश की। मेयर निर्मल नाहटा, पार्षद सत्यनारायण धामाणी, मान पंडित और राखी राठौड़ ने पार्षदों को बजट बैठक का महत्व बताया और कहा कि बजट पास होना शहर के विकास के लिए जरूरी है। प्री-बोर्ड बैठक में अशोक लाहोटी को छोड़कर अधिकतर सभी पार्षद शामिल हुए। समितियों का गठन नहीं हो पाया। सिविल वर्क के ठेकेदार हड़ताल पर हैं। सफाई के हालात सुधरे नहीं। उम्मीद जताई जा रही है कि कांग्रेस पार्षद दल के साथ कई भाजपा पार्षद भी सफाई को लेकर अपनी नाराजगी बयां कर सकते हैं।
वार्ड 13 के गणेश सैनी अपनीकॉलोनी में भी सफाई नहीं करवा पा रहा। मलाल है। सीवर लाइनें जाम हैं। अफसर नहीं सुनते। हम तो पार्षद ही गलत बन गए, हमसे इस्तीफा ले लो।
वार्ड25 की निर्मला शर्मा सफाईकर्मचारी आते ही नहीं। मैं तीन दिन हाजिरी गाह पर उपस्थिति देखने गई। कर्मचारी दिखाई दिए और ही उपस्थिति रजिस्टर।
वार्ड12 के दिनेश अमन स्वास्थ्यनिरीक्षक को 2 लीटर पेट्रोल रोजाना मिलता है, लेकिन वह कोई काम नहीं करता। जबकि पार्षद वार्ड में दिनभर फिरता है। अच्छा है पार्षद को टीए-डीए भत्ता दिया जाए।
वार्ड42 के विष्णु लाटा बजटकी प्रति दिखाते हुए बोले- कई मदों में बेवजह आंकड़े भरे हैं। शहर की जरूरत को ध्यान में रखते हुए बजट तय करते तो अच्छा होता।