- Hindi News
- पिछले निगम बोर्ड की समितियों ने 5 मिनट में पास किए कई प्रस्ताव, काम 5 साल में भी नहीं कराए
पिछले निगम बोर्ड की समितियों ने 5 मिनट में पास किए कई प्रस्ताव, काम 5 साल में भी नहीं कराए
देखिए- पिछली समितियों का रिपोर्ट कार्ड... सोचिए- इनका मतलब क्या?
विकासको लेकर नगर निगम की जिन कमेटियों के गठन के लिए बोर्ड बैठकों में घमासान चला, हंगामे हुए। उनके गठन से शहर को कोई फायदा नहीं मिला। नगर निगम में समितियों की बैठकें भी हुई चेयरमैन ने प्रस्ताव भी पास किए लेकिन क्रियान्वयन नहीं होने से लोगों को इसका लाभ नहीं मिल सका। चार साल पहले 21 अक्टूबर 2010 को निगम की साधारण सभा में 21 समितियां गठित हुई थी। इसमें कार्यकारिणी समिति सहित 15 समितियां भाजपा की बनीं, जबकि 6 समितियां कांग्रेस के पास गईं। एक्ट में प्रावधान होने से सात समितियां तत्काल प्रभाव में गईं। उधर, बोर्ड की कुल 22 बैठकें हुई थीं। इसमें से दो बैठकें सरकार के आदेश पर रखी गई। इनमें भी सिर्फ हंगामें हुए, विकास के मुद्दे गण रहे। शहरवासियों को कुछ नहीं मिला। कुल मिलाकर मेयर, समिति चेयरमैन बोर्ड के सदस्य फेल साबित हुए।
समितियों के अधिकार क्या
फिर समितियोंकीबारी
कार्यकारिणी समिति - अपनीधारा के अंतर्गत स्टेट ग्रांट के पट्टे, संपत्ति बेचना नीलामी, विकास शुल्क तय करना प्रोजेक्ट की मंजूरी देती है।
वित्तसमिति - बजटबनाना और पारित कर बोर्ड में भेजना, कार्यों की वित्तीय स्वीकृति देना।
सफाईस्वास्थ्य समिति -सफाई, वाचराइडर, चालान करना दवाइयों के छिड़काव के कार्य।
भवननिर्माण अनुमोदन समिति - भवनमानचित्र की जांच, अनुमोदन, भू उपांतरण पुनर्गठन।
गंदीबस्ती सुधार समिति - कच्चीबस्ती विकास, कच्ची बस्तियों के लिए प्लान बनाना, फंड तय करना।
नियमउपनियम समिति - बाइलॉजके संशोधन में सुझाव देना, उपविधियां बनाना, वकीलों की नियुक्ति।
अपराधोंका शमन समझौता समिति - बिल्डिंगमें कपाउंड की अनुमति देना, पार्किंग नहीं छोड़ी गई तो नियमन शुल्क तय करना और निगम जनता के कोर्ट में जा रहे मामले रोकना प्रमुख कार्य है।
गृहकर समिति
समितिअध्यक्ष अजय यादव की अध्यक्षता में कुल 16 मीटिंगें की गईं। गृहकर समिति यूडी टैक्स के बड़े बकायादारों को नोटिस तो दिलवा सकी लेकिन किसी से वसूली नहीं करवा पाई। नगर निगम प्रशासन यूडी टैक्स और बकाया हाउस टैक्स की वसूली के लक्ष्य से हर बार पिछड़ा। हालांकि, समिति अपनी उपलब्धियों में सैनिकों की विधवाओं को यूडी टैक्स माफ करना मानती है।
सिर्फ 5 बैठकें आठ माह से कोई बैठक नहीं
लाइसेंस समिति
अध्यक्