1350 स्टूडेंट्स को मिली डिग्री
एकस्टूडेंट जब डिग्री लेकर यूनिवर्सिटी से निकलता है तो वह मौलिक कर्तव्यों द्वारा निर्देशित होता है। वह अपने व्यक्तित्व के हर पहलू को निखारने के लिए प्रयासरत रहता है, ताकि वो खुद को देश सेवा के लिए तैयार कर सके। दी आईआईएस यूनिवर्सिटी की सोमवार को आयोजित थर्ड कन्वोकेशन सेरेमनी में चीफ गेस्ट पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस आर.एम. लोढ़ा ने यह विचार रखे। उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर कहा कि न्यायतंत्र में महिलाओं की भागीदारी अधिक से अधिक होनी चाहिए। सेरेमनी में जहां 1350 स्टूडेंट्स को डिग्री मिली, वहीं यूनिवर्सिटी की ओर से रोटरी इंटरनेशनल के प्रेसिडेंट गैरी सीके हुआंग और पद्मश्री सुशील गुप्ता को मानव कल्याण और समाज सेवा से जुड़े कार्यों में असाधारण योगदान के लिए डी लिट और डी एससी की उपाधि से सम्मानित किया।
टॉपर्स को दिए गोल्ड मेडल
सेरेमनीमें कुल 1350 स्टूडेंट्स को डिग्री एवं डिप्लोमा प्रदान किए गए जिनमें से 25 पीएचडी, 450 यूजी, 820 पीजी की छात्राओं को डिग्री प्रदान की गई। 55 छात्राओं को यूजी एवं एडवांस्ड डिप्लोमा सर्टिफिकेट दिए गए। इसके अलावा आर्ट्स एवं सोशल साइंसेस में 290, कॉमर्स एवं मैनेजमेंट में 785, साइंस में 273 डिग्री एवं डिप्लोमा दिए गए। आर्ट्स एवं सोशल साइंसेस में 13, कॉमर्स एवं मैनेजमेंट में 15, साइंस में 15 टॉपर्स को गोल्ड मेडल दिए गए। साथ ही बीजेएमसी की शेफाली बंसल, बीबीएम की खुशबू अग्रवाल एवं बीसीए की अदिति सारस्वत को शिव सरस्वती मेमोरियल, शेफाली बंसल एवं एमजेएमसी की राधिका शर्मा को डॉ. शांता नरेंद्र भानावत मेमोरियल, बीएससी ऑनर्स की यशस्वी पांडेय को केएम सहाय मेमोरियल गोल्ड मेडल प्रदान किए गए। कैमिस्ट्री की अनुप्रिया जैन को प्रेम चंद बख्शी मेमोरियल, बीवीए की शुभिका सुखलेचा और एमबीए की नीलाक्षी सक्सेना को राधेश्याम बधालिया मेमोरियल, बीएससी की किरन बाला को रामप्यारी-सुरजी मेमोरियल एवं एमएससी की दुर्गा जांगिड़ को हुकम कौर-नंदराम मेमोरियल गोल्ड मेडल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।