पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • प्रदूषण पर होगी ऑनलाइन निगरानी

प्रदूषण पर होगी ऑनलाइन निगरानी

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
राजस्थानराज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल वायु और जल प्रदूषण की रोकथाम के लिए पहले चरण में 17 श्रेणी के उद्योगों की ऑनलाइन निगरानी करेगा। उद्योगों को ही खुद चिमनी सेंसर लगाने होंगे। हाल ही में केंद्रीय वन पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए थे।

शुरुआती चरण में बड़े उद्योगों को रखा गया है जिनको 31 मार्च तक जरूरी उपकरण लगाने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अहम सवाल यह भी है कि पहले चरण में सिर्फ 17 श्रेणी के उद्योगों को क्यों रखा गया, जबकि राजधानी सहित प्रदेश में अन्य श्रेणी के उद्योग भी मौजूद हैं? इस बारे में राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की चेयरपर्सन अपर्णा अरोड़ा ने बताया कि सभी उद्योगों में एकसाथ यह व्यवस्था लागू करना संभव नहीं है, इसलिए इसे चरणाें में बांटा गया है। पहले चरण में सबसे अधिक प्रदूषण वाले उद्योगों को रखा गया है। अगले चरण में कम प्रदूषण वाले उद्योगों को रखा जाएगा। 15 फरवरी तक रिव्यू मीटिंग बुलाई जाएगी, ताकि उद्योग स्वयं निगरानी कर सकें। उद्योगों के ट्रीटेड पानी (स्वच्छ किया गया दूषित पानी) की गुणवत्ता पर भी नजर रखी जा सकेगी।



17 श्रेणी के उद्योगों को सेंसर युक्त चिमनियां लगानी होंगी। इन सेंसरों से जब हवा या पानी टकराएगा, तो वह प्रदूषक तत्वों की मात्रा से संबंधित मैसेज सिस्टम में भेजेगा। बोर्ड का निगरानी दल सर्वर में यह देखेगा कि प्रदूषण जानबूझकर ज्यादा हो रहा है या तकनीकी गड़बड़ियों से। जांच के बाद कार्रवाई संभव हो पाएगी।

17श्रेणी के उद्योग :कास्टिक सोडा, सीमेंट, डिस्टिलरीज, फर्टिलाइजर, लौह स्टील, जिंक स्मेल्टर, थर्मल पावर प्लांट, चीनी, ऑयल रिफाइनरी, पल्प एंड पेपर, ड्रग्स फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स, पेस्टीसाइड, टैनरीज, डाई, कॉपर स्मेल्टर एल्यूमीनियम स्मेल्टर।

येफायदे होंगे } लोगोंको शुद्ध हवा-जल मिलते रहेंगे और मिट्टी भी प्रदूषित नहीं होगी।

}प्रदूषण के मात्रा की जांच 24 घंटे और 7 दिन हो पाएगी।

}कर्मचारियों-अधिकारियों को अनावश्यक जांच कराने की जरूरत नहीं होगी।