सात साल पहले की फोटो से पकडे़ गए आरोपी
जयपुर | किशनपोलबाजार में ज्वैलरी शोरूम और खजाने वालों के रास्ते में साड़ी शोरूम में नकबजनी की वारदात करने वाले गैंग के दूसरे आरोपी को भी कोतवाली थाना पुलिस ने पश्चिम बंगाल से रविवार को पकड़ लिया। उसका पीछा करते हुए पुलिस टीम को करीब एक किलोमीटर दौड़ लगानी पड़ी। अब पुलिस उसे सोमवार को ट्रांजिट वारंट लेकर जयपुर लौटेगी। बदमाशों ने 30 अक्टूबर की रात को वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस कमिश्नर जंगा श्रीनिवास राव ने बताया कि गिरफ्तार मोहम्मद आलम (22) मालदा का रहने वाला है। दो दिन पहले गिरोह के मुख्य आरोपी सद्दाम शेख (21) भी पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार हो चुका है। जांच में प. बंगाल की गैंग का नाम सामने आने के बाद कोतवाली थाने के उपनिरीक्षक हरिसिंह, हैडकांस्टेबल रणजीत सिंह, कांस्टेबल कालूराम अनिता की टीम को पश्चिम बंगाल भेजा गया। जिन्होंने आलम सद्दाम को पकड़ा। तीसरा आरोपी फरार है।
घटना से दो दिन पहले रैकी
कोतवालीथानाप्रभारी राजवीर सिंह चंपावत ने बताया कि तीनों आरोपी वारदात के दो दिन पहले जयपुर पहुंचे थे। उन्होंने दो दिन तक जयपुर में चारदीवारी के बाजारों में रैकी की। इसके बाद 30 अक्टूबर को देर रात साड़ी शोरूम ज्वैलरी शॉप में वारदात कीा।
करीब डेढ़ बजे खजाने वालों का रास्ता में साड़ी शोरूम में पीछे गली में पाइप के सहारे चढ़कर शटर तोड़े। वहां से 27 हजार रुपए चुराए। इसके बाद किशनपोल बाजार में एसके ज्वैलर्स के यहां शटर तोड़कर ज्वैलरी चुराई। इस बीच उनका हुलिया सीसीटीवी फुटेज में गया। सीसीटीवी कैमरा और हाई सिक्योरिटी सिस्टम लगा होने से ज्वैलरी शोरूम मालिक संजय खूंटेटा के मोबाइल फोन में अलर्ट मैसेज आया। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। तब भनक लगने पर तीनों आरोपी भाग निकले। रात को ही वे रेलवे स्टेशन पहुंचे और ट्रेन में बैठकर पश्चिम बंगाल चले गए।
आरोपी मो. आलम।
आरोपी सद्दाम शेख
ऐसे आए पकड़ में
पुलिस कमिश्नर राव डीसीपी (उत्तर) प्रफुल्ल कुमार के निर्देशन पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में आए बदमाशों के हुलिए के आधार पर करीब 500-600 संदिग्धों से पूछताछ की। साथ ही चालानशुदा मुल्जिमों का रिकाॅर्ड जुटाया गया। जिनकी घटना की तारीख के एक माह के भीतर कोर्ट में तारीख पेशी थी। इसके अलावा करीब 10 साल में पकड़े गए बालअपचारी कम उम्र के बदमाशों के फोटो इकट्ठा किए गए। पुलिस के मुताबिक करीब 7