पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • 289 खातों में एक भी पैसा नहीं

289 खातों में एक भी पैसा नहीं

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
24 लाख संदिग्ध ट्रांजेक्शन, जयपुर में 13,000 को नोटिस

आयकरविभाग ने प्रदेश में 24 लाख से ज्यादा लेनदेन के मामलों को संदिग्ध मानते हुए नोटिस जारी करने की शुरुआत कर दी है। जयपुर में 13 हजार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। मामला 10 लाख या इससे अधिक राशि का एक या इससे अधिक बार में ट्रांजेक्शन से जुड़ा है। इनमें बैंक ट्रांजेक्शन, रजिस्ट्री, क्रेडिट कार्ड, विदेश यात्रा महंगे वाहनों की खरीद के दौरान हुए संदिग्ध ट्रांजेक्शन भी शामिल हैं।प्रदेशभर में 24,11,390 संदिग्ध लेनदेन पर नोटिस देने की कार्रवाई के लिए विभाग की इंटेलीजेंस एंड क्रिमिनल विंग जुटी हुई है। ये लेन-देन पिछले चार वर्षों के दौरान का है। विभागीय नियमानुसार छह साल तक के संदिग्ध ट्रांजेक्शनों पर विभाग कार्रवाई कर सकता है। विभाग नोटिस देने की यह कार्रवाई इनकम टैक्स अंडर सेक्शन 147 के तहत केस रिओपन करके सेक्शन148 के तहत कर रहा है।

नोटिस मिलने के बाद 15 दिन तक का समय मिलता है। आयकर विभाग इसके बाद भी आयकर दाता को मौका देता है। अगर आयकरदाता 15 दिन में जवाब नहीं दे सकता तो नोटिस का जवाब देने के लिए और मोहलत ले सकता है। आयकर विभाग को गड़बड़ी साबित होने पर कर देना होगा। अगर कर नहीं चुकाया तो संपत्ति सील का प्रावधान है। इसमें गिरफ्तारी भी हो सकती है।



लेकिन जयपुर में अब तक गिरफ्तारी का कोई मामला नहीं हुआ है।

ट्रांजेक्शन इसलिए माने संदिग्ध

बैंकखातों में लगातार 50 हजार से अधिक का लेनदेन हुआ। विभाग का मानना है कि इनमें आय से ज्यादा खर्च दिखाई दे रहा है। पंजीयन विभाग क्रेडिट कार्ड, महंगे वाहनों की खरीद आदि में हुए संदिग्ध या अघोषित ट्रांजेक्शन पर फोकस है। विभाग के अनुसार इन ट्रांजेक्शनों के जरिये कालाधन को सफेद करने के प्रयास भी हो सकते हैं।

जिन्हें नोटिस, उनमें किसान होने का दावा करने वाले सबसे ज्यादा

आयकरविभाग किसानों को कृषि आय में छूट देता है लेकिन विभाग का नियम है कि शहरी सीमा या इसके आसपास के आठ किमी की परिधि में इस छूट का फायदा नहीं दिया जाए। इस नियम के कारण किसान होते हुए भी कई लोग आयकर विभाग के दायरे में गए हैं। कृषि भूमि बेचने-खरीदने वाले भी आयकर विभाग के दायरे में हैं। गांवों में किसान होते हुए जमीनों का धंधा या अन्य कामों से आय अर्जित करने वालों पर भी आयकर विभाग ने फोकस किया है।





आईटी की धार