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सीएम ने मंत्रियों से मांगे बजट का हिस्सा बनने वाले 5 काम

6 वर्ष पहले
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मुख्यमंत्रीवसुंधरा राजे ने गुरुवार को जयपुर , भरतपुर और बीकानेर संभागों की समीक्षा बैठकों में प्रभारी मंत्रियों से जाना कि उनके जिलों के लिए ऐसी कौनसी प्राथमिकताएं हैं, जिन्हें बजट में लिया जा सके।

उन्होंने जाना कि जिलों में कौन-कौन सी समस्याएं हैं, काम हैं, जो पूरे नहीं हुए, कब पूरे होंगे, पूरे नहीं हुए तो अब तक क्यों नहीं हुए। उन्होंने जोर दिया कि मंत्री बताएं कि कौनसे पांच काम हैं, जिन्हें वे प्राथमिकता से बजट का हिस्सा बनाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने जयपुर संभाग की समीक्षा के दौरान 17 बिंदुओं पर भी बातचीत की।

जयपुर के प्रभारी मंत्री कालीचरण सराफ, अलवर के हेम सिंह भडाना, झुंझुनूं के राजेंद्र राठौड़, दौसा के अरुण चतुर्वेदी और सीकर के अजय सिंह किलक की मौजूदगी में मुख्यमंत्री के सामने कई बिंदुओं पर काफी गंभीरता से मंथन किया गया। बीकानेर संभाग का वन एवं पर्यावरण मंत्री राजकुमार रिणवा एवं भरतपुर का वहां के प्रभारी मंत्री से लिया।

जयपुर के लिए इन बिंदुओं पर हुई बात

अजमेररोड पर अंतरराज्यीय बस स्टैंड बनाया जाए। फागी-चाकसू- बस्सी-तुंगा रोड को स्टेट हाईवे बनाया जाए। सेंट्रल जेल को स्थानांतरित किया जाए। चाकसू- फागी में रीको का नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाए। चौमूं, चाकसू, बस्सी, अचरोल को सेटेलाइट टाउन के रूप में विकसित किया जाए। नई पंचायत समितियों पावटा जालसू में नए मिनी सचिवालय बनाए जाएं। विराट नगर में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उसे विकसित किया जाए। जयपुर में शेष कच्ची बस्तियों का सर्वे किया जाए। जयपुर में नया मिनी सचिवालय बनाया जाए। कोटपूतली अस्पताल को जिला अस्पताल बनाया जाए। जयपुर शहर में नगर निगम के चार नए जोन ऑफिस बनाए जाएं। हाईवे पर दूदू, चाकसू, चौमूं, बस्सी और शाहपुरा में ट्रोमा अस्पताल बनाए जाएं। करतारपुरा, बाइस गोदाम और सुदर्शनपुरा औद्योगिक क्षेत्रों को आबादी से बाहर ले जाया जाए। जयपुर में नियमित कॅरियर काउंसलिंग सेंटर स्थापित किया जाए। जयपुर में पेयजल लाइनों का नवीनीकरण के साथ बीसलपुर को चंबल से जोड़ा जाए, ताकि बीसलपुर केवल मानसून पर आधारित नहीं रहे।

इसके अलावा बीकानेर संभाग की बैठक में वहां जीएसएस स्टेशनों की स्थापना, रिंग रोड बनाने और गो-अभयारण्य पर बातचीत की गई। इसके अलावा संभाग के हर जिले में कुछ काम मॉडल काम के रूप में किए जाने की भी बात हुई। भरतपुर संभाग के प्रभारी मंत्रियों ने भी जिलेवार मांगों और समस्याओं की समीक्षा की।