जयपुर. जेडीए प्रशासन की ओर से अपीलीय अधिकरण (ट्रिब्यूनल) से 9 कर्मचारियों के स्थानांतरण को लेकर जेडीसी और ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारी अामने-सामने हो गए हैं। मामला सीएमओ में पहुंच गया है।
जेडीसी के आदेश पर अपीलीय अधिकरण के नौ कर्मचारियों को स्थानांतरित कर जेडीए की अन्य शाखाओं में ज्वाइन करने के आदेश जारी हुए थे। इसके बाद अधिकरण के पीठासीन अधिकारी ने स्थानांतरित कर्मचारियों को केवल कार्यमुक्त होने से रोक दिया बल्कि कार्रवाई के प्रति कड़ी नाराजगी जताते हुए मंगलवार को जेडीसी को पत्र लिखा है।
जेडीए की ओर से कर्मचारियों के स्थानांतरण के पीछे उनके वहां लंबे समय तक कार्यरत रहने को बताया है। जेडीए के संबंधित अफसरों मुताबिक अपीलीय अधिकरण में लगा स्टाफ 9 से 16 और यहां तक कि 25 साल से जमा हुआ है। ऐसे में उन्हें वहां से कार्यमुक्त करा दूसरा स्टाफ लगाना है। पीठासीन अधिकारी डॉ. वीरेंद्र कुमार माथुर ने जेडीसी शिखर अग्रवाल को लिखे पत्र लिखकर कहा है कि उन्होंने उनके यहां लगे तीन कम्प्यूटर ऑपरेटर में से दो की सेवाएं भी समाप्त की हैं, जिससे उच्च न्यायालय के कार्य में भी व्यवधान होगा। वहीं जविप्रा प्रशासन अधिकरण के दैनिक कायो में बाधा पहुंचा रहा है, जो कि न्यायोचित नहीं है। ऐसे में वे पूर्व में कार्यरत सभी कर्मचारियों को वापस पदस्थापित करें, अन्यथा न्यायालय की अवमानना की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
अपीलीय प्राधिकरण में लंबे समय से लगे स्टाफ को दूसरी जगह लगाया है। यह रुटीन आदेशों के तहत किया गया। पीठासीन अधिकारी का पत्र मिला है, जिसका जवाब भिजवाया है। -शिखरअग्रवाल, जेडीसी
चतुर्थ श्रेणी से निजी सचिव को बदला
पुष्पा जैन (निजी सचिव), नरेंद्र कुमार (सहायक), रामप्रसाद (सहायक) को जोन-4 में। विनोद कुमार (वरिष्ठ सहायक), रामनिवास (चतुर्थ श्रेणी) को जोन-18 में। कालूराम (चतुर्थ श्रेणी) को जेडीए में जांच अधिकारी एमके खन्ना के कार्यालय में। इसके अलावा राजेंद्र कुमार (वरिष्ठ सहायक) को निदेशक विधि प्रकोष्ठ, जगदीश (चतुर्थ श्रेणी) को उपायुक्त जोन-13 में और परमेश्वर (बेलदार) को जोन-14 में लगाकर आदेश जारी किए गए कि ये आदेश के दिन ही पदस्थापित की गई जगह ज्वॉइन करें। साथ ही जेडीए की ओर से घनश्याम पहाड़िया (निजी सचिव), विजयेश और अनिल (कनिष्ठ सहायक) को सदस्य अपीलीय अधिकरण में लगाया है।