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स्वीकृत ऊंचाई से ऊंची बिल्डिंग बनाई तो 2 लाख तक जुर्माना
नगरीयविकास विभाग ने पूरे राज्य के नगरीय क्षेत्रों के लिए मंजूर किए नए कम्पाउंडिंग बायलॉज के नए नियमों में भारी जुर्माना लगाया है। पहले केवल जयपुर निगम क्षेत्र के लिए ही बायलॉज थे, उसको रद्द कर दिया गया है। अब मॉडल बायलॉज में अनियमित निर्माण को नियमित करने के लिए गहलोत सरकार के बायलॉज की शर्तों की तुलना में ढाई से 5 गुना तक जुर्माना बढ़ा दिया है। पहले तय ऊंचाई से अधिक निर्माण का अधिकतम जुर्माना 37,500 रुपए था जो अब बढ़ाकर 2 लाख रुपए कर दिया है। नए बायलॉज में 15 मीटर से कम ऊंचाई के भवनों के लिए निर्धारित ऊंचाई का 10 फीसदी या एक मीटर में जो भी कम हो उसका नियमन हो सकेगा। वहीं 15 मीटर से ऊंचे भवनों में निर्धारित ऊंचाई का 10 फीसदी या 2 मीटर जो भी कम हो का नियमन हो सकेगा। पिछली सरकार के बायलॉज में 250 वर्गमीटर से 500 वर्गमीटर तक के भूखंडों पर अधिक ऊंचाई के नियमन का जुर्माना 7500 रखा था जो अब 10 हजार रुपए कर दिया है। पहले 750 वर्गमीटर से बड़े भूखंडों पर अधिक ऊंचाई का जुर्माना 37,500 रुपए था जो अब 50 हजार रुपए कर दिया है। शेष 250 तक के भूखंडों और 500 से 750 वर्गमीटर तक के भूखंडों के नियमन का जुर्माना नहीं बदला गया है। इसी तरह पहले 5000 वर्गमीटर के भूखंड के लिए अलग से कोई जुर्माना नहीं था अब एक लाख तथा इससे बड़े भूखंड पर अनियमित ऊंचाई के नियमन का जुर्माना 2 लाख रुपए कर दिया है।
फाइल फोटो।
बिना स्वीकृति निर्माण पर जुर्माना दुगुना
बायलॉज में पिछली सरकार ने बिना नक्शा पास कराए और बिना स्वीकृति निर्माण पर जुर्माना मानचित्र अनुमोदन शुल्क का 75 फीसदी रखा था। अब नए बायलॉज में मानचित्र अनुमोदन शुल्क का 150 फीसदी जुर्माना कर दिया है। इसमें भवन विनियम के अनुसार हो चाहे नियमों के विपरीत निर्माण हो, लेकिन नक्शा पास कराए बिना निर्माण का जुर्माना चुकाना ही पड़ेगा। 15 मीटर से कम और ज्यादा ऊंचाई के सभी भवनों पर जुर्माना एक जैसा रहेगा।
तयसीमा तक अवैध निर्माण का होगा जुर्माने से नियमन, शेष टूटेगा
यूडीएचने अनियमित भवन निर्माण को रैग्यूलराइज करने के लिए सीमा तय की है। 13 प्रकार के भवन निर्माण उल्लंघनों के मामलों में तय सीमा तक ही नियमन होगा। उससे ज्यादा अवैध निर्माण टूटेगा। जैसे किसी भवन की तय ऊंचाई से अधिकतम एक मीटर ऊंचाई तक ही नियमन हो सकता है और 2 मीटर ऊंचा अवैध निर्माण कर दिया त