मूक-बधिर कर सकेंगे कॉलेज की पढ़ाई
जयपुर | आजादीके 67 साल बाद राज्य में पहली बार मूक-बधिर विद्यार्थी कॉलेज की पढ़ाई कर सकेंगे। जयपुर के गांधीनगर स्थित पोद्दार सीनियर स्कूल में चल रहे राजकीय कॉलेज में मूक-बधिर बच्चों के लिए अलग से सेक्शन प्रारंभ किया गया है। बुधवार को कॉलेज आयुक्तालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए। कॉलेज इसी सत्र से प्रारंभ होगा। पहले सत्र में इसमें 80 सीटें रखी गई हैं। प्रवेश प्रक्रिया गुरुवार से शुरू होगी। कॉलेज खोलने के आदेश जारी होने पर मूक-बधिर विद्यार्थियों ने उद्योग मैदान में चल रहा अपना धरना समाप्त कर दिया।
कॉलेज खोलने का आदेश लेकर कॉलेज शिक्षा के संयुक्त निदेशक (अकादमी) डॉ. अनूप श्रीवास्तव त्रिमूर्ति सर्किल स्थित पोद्दार मूक-बधिर स्कूल पहुंचे। यहां विद्यार्थियों, स्टाफ और अभिभावक संघ के सदस्यों के सामने उन्होंने आदेश पढ़कर सुनाया। इस पर विद्यार्थियों ने खुशी जताई। आदेश के अनुसार मूक-बधिर दृष्टि बाधित विद्यार्थियों के लिए राजकीय (सहशिक्षा) कॉलेज जयपुर में शैक्षणिक सत्र 2014-15 से स्नातक स्तर पर कला संकाय के एक सेक्शन में प्रवेश नीति 2014-15 के आधार पर प्रवेश होंगे। इस सत्र में इतिहास, राजनीतिक विज्ञान, समाज शास्त्र, लोक प्रशासन, हिंदी साहित्य चित्रकला विषय शुरू किए जाएंगे। नए वर्ग संचालित किए जाने के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद के लिए 5.07 लाख रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है। आदेश जारी होने पर अनुभव मूक बधिर शक्ति अभिभावक संस्था के अध्यक्ष हरिसिंह बागड़ी, मंत्री योगेंद्र कुमार जोशी, कोषाध्यक्ष मीना अरोड़ा, प्रिंसिपल महेश वाधवानी ने खुशी जाहिर की है।
इस प्रकार हो सकेगा प्रवेश
आवेदनफॉर्म जमा करने का काम प्रारंभ : 25सितंबर से
आवेदनफॉर्म जमा कराने की अंतिम तिथि : 7अक्टूबर
प्रवेशके लिए मेरिट सूची का प्रकाशन : 8अक्टूबर
फीसजमा कराने की अंतिम तिथि : 11अक्टूबर शाम 5 बजे तक
सरकार ने कॉलेज खोलने के आदेश तो जारी कर दिए, लेकिन विद्यार्थी इस बात से चिंतित हैं कि इन्हें पढ़ाएगा कौन? कॉलेज शिक्षा के संयुक्त निदेशक (अकादमी) डॉ. अनूप श्रीवास्तव का कहना है कि इसके लिए सांकेतिक भाषा जानने वाले दुभाषिए को रखा जाएगा। कॉलेज में कार्यरत व्याख्याता ही इन बच्चों को पढ़ाएंगे और दुभाषिया सांकेतिक भाषा में बच्चों को समझाता रहेगा।
व्याख्याता पढ़ाएगा, दुभाषिया सांकेतिक भाषा में समझाएगा