छह मामलों में आरोपी भू माफिया गिरफ्तार
विभिन्नगृह निर्माण सहकारी समितियों के फर्जी पट्टे बनाकर लाखों रुपए हड़पने वाले आरोपी भूमाफिया को कानोता थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ तत्कालीन जेडीए कानोता थाने में करीब छह से ज्यादा केस दर्ज है। वह करीब तीन साल से फरार चल रहा था।
डीसीपी (पूर्व) कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी नरसी गुर्जर (27) दौसा जिले के थाना महवा में बड़ागांव खेड़ला का रहने वाला है। ग्रीन पार्क निवासी रमेशचंद मीणा ने 25 फरवरी 2012 को कानोता थाने में केस दर्ज करवाया था कि उसने नरसी से मई, 2011 में 21 लाख रुपए में एक प्लॉट खरीदा था, जो नरसी ने किसी अन्य व्यक्ति को बेचकर धोखाधड़ी की। केस में अहलादी देवी भी सहआरोपी थी। बनावड़, दौसा निवासी महेंद्र गुर्जर ने 2 सितंबर 2014 को नरसी गुर्जर से 2011 में एकांश विहार, हीरावाला में 30 लाख रुपए देकर छह प्लॉट खरीदे थे। तब नरसी ने शंकर भवन गृह निर्माण सहकारी समिति के फर्जी पट्टे बनाकर दे दिए। नरसी उस सोसायटी का सचिव भी है।
बनावड़, दौसा निवासी विजेंद्र सिंह ने नरसी से 9 जनवरी 2013 को दो लाख 52 हजार रुपए में गोविंद विहार, रोपाड़ा में प्लॉट खरीदा। तब नरसी उसके साथी ग्यारसा गुर्जर ने श्री महावीर स्वामी गृह निर्माण सहकारी समिति के फर्जी पट्टा बनाकर दे दिया। इसी तरह, टोडाभीम करौली निवासी हरगुन सिंह ने 29 अक्टूबर 14 को केस दर्ज करवाया कि उसने नरसी गुर्जर से शिव नगर, रामगढ़ रोड पर साढ़े 8 लाख रुपए में एक प्लॉट खरीदा था, जो कि रायसर गृह निर्माण सहकारी समिति का फर्जी पट्टा देकर बेच दिया। कानोता थानाप्रभारी चंद्रप्रकाश चौधरी के मुताबिक केसों की जांच उपनिरीक्षक सीताराम को सौंपी थी। मंगलवार को नरसी के जामडोली में आने की सूचना पर पुिलस टीम ने उसे पकड़ लिया।
नरसी गुर्जर