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संस्कृत शिक्षा के विकास के लिए परामर्श मंडल

6 वर्ष पहले
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संस्कृतशिक्षा के विकास तथा योजनाबद्घ विस्तार के लिए राज्य सरकार को परामर्श देने के लिए राज्य संस्कृत परामर्श मण्डल का पुनर्गठन किया गया है। मण्डल की वर्ष में कम से कम दो बार बैठकें आयोजित होगी। इन बैठकों का अंतराल छह माह से अधिक नहीं होगा। संस्कृत शिक्षा मंत्री परामर्श मण्डल के अध्यक्ष और संस्कृत शिक्षा के उपशासन सचिव को सदस्य सचिव बनाया गया है। मंडल में 22 सदस्य होंगे।

मंडल में कॉलेज शिक्षा आयुक्त, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष द्वारा मनोनीत विधायक (संस्कृतज्ञ), जगत गुरू रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय (मदाऊ) के कुलपति, भारती पत्रिका के प्रबंध संपादक और संस्कृत भारती के अध्यक्ष सदस्य के रूप में शामिल होंगे। इसी प्रकार राजस्थान विश्वविद्यालय, जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के अध्यक्ष, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष, राजस्थान संस्कृत अकादमी के अध्यक्ष, निदेशक माध्यमिक शिक्षा, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा तथा निदेशक संस्कृत शिक्षा भी मण्डल के सदस्य होंगे। इसके साथ ही राजकीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अतिरिक्त निदेशक, मानव संसाधन विकास मंत्रालय नई दिल्ली के उप शिक्षा सलाहकार (संस्कृत), हरिद्वार के देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति, शाहपुरा त्रिवेणी धाम के नारायण दास जी महाराज अथवा प्रतिनिधि, सीकर रेवासाधाम के डॉ. राघवाचार्य वेदांती, देवर्षि कलानाथ शास्त्री, गंगासहाय सर्दुल राजकीय संस्कृत महाविद्यालय जयपुर के प्रो. महावीर सारस्वत, राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान जयपुर के प्रोफेसर वाई.एस. रमेश (प्रो. शिक्षा शास्त्र विभाग) और डॉ. रघुवीर प्रसाद शर्मा वरिष्ठ अध्यापक को भी सदस्य बनाया गया है।