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बिहार में मौजूद मास्टरमाइंड रुपए वसूलकर भेजता है फर्जी अभ्यर्थी

7 वर्ष पहले
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रीजनलरूरल बैंक की ऑन लाइन परीक्षा में खुद की जगह फर्जी अभ्यर्थी से परीक्षा दिलवाने वाली असली अभ्यर्थी मुनेशी मीणा को आमेर थाना पुलिस ने टोडाभीम से गिरफ्तार कर लिया है। रविवार को एटीएस की सूचना पर पुलिस ने कूकस स्थित आर्या कॉलेज में परीक्षा केंद्र से नालंदा बिहार निवासी मुक्ता कुमारी और कॉलेज गेट के बाहर मौजूद नीतेश, अजीत जगतपुरा से राजवीर को गिरफ्तार किया था। आरोपियों को सोमवार को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। गिरोह को परीक्षा देने की एवज में करीब 40 से 70 हजार रुपए देने का सौदा हुआ था।

थानाप्रभारी धर्मेंद्र शर्मा के मुताबिक आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का मास्टर माइंड मनीष है, वह बिहार का रहने वाला है। वह ग्राहकों से संपर्क कर परीक्षा दिलवाने फर्जी अभ्यर्थी भेजता है। इसके बदले वह मोटी रकम वसूल करता है। पुलिस के हत्थे चढ़े राजवीर के मोबाइल फोन में कुछ परीक्षार्थियों के मोबाइल नंबर, पता और बैंक के अकाउंट नंबर मिले हैं। इनमें एक अकाउंट नंबर मनीष का भी है। जिसमें राजवीर ने रुपए जमा करवाए थे। राजवीर अगस्त माह में रेलवे भर्ती की परीक्षा देने कोलकाता गया था। ट्रेन में उसकी मुलाकात मास्टरमाइंड मनीष से हुई। इसके बाद मनीष ने ही राजवीर की जगह एक फर्जी अभ्यर्थी से रेलवे की परीक्षा दिलवाई थी।

डीसीपी अशोक गुप्ता ने बताया कि टोडाभीम निवासी राजवीर ने अपनी परिचित मुनेशी मीणा, निरंजन और कन्हैया की जगह आरआरबी की परीक्षा दिलवाने के लिए गिरोह से संपर्क किया। इसके बाद नीतेश की रिश्ते में बहन मुक्ता ने मुनेशी की जगह परीक्षा दी। वहीं असली अभ्यर्थी निरंजन की बजाय बिहार निवासी दीपक और कन्हैया की बजाय आरोपी अजीत ने शनिवार को बैंक परीक्षा दी। इन फर्जी अभ्यर्थियों को नीतेश लेकर आया था। उसे अजीत को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। नीतेश ने बताया कि 40 से 70 हजार रुपए देने का सौदा तय किया था, लेकिन राजवीर ने पूरी रकम नहीं दी।