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लैपटाॅप सूची में 2012 के टॉपरों के नाम हटाए

6 वर्ष पहले
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जगदगुरुरामानंद संस्कृत राजस्थान विश्वविद्यालय ने मेधावी छात्रों की लैपटॉप सूची में फेरबदल कर दिया है। सूची में 2012 के सर्वोच्च अंक हासिल करने वालों के नाम हटाने पर विद्यार्थी धांधली का आरोप लगा रहे हैं। कार्यवाहक कुलपति हनुमान सिंह भाटी का कहना है कि विद्यार्थियों की लिखित शिकायत उन्हें मिल चुकी है। पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी। लैपटॉप नियमानुसार ही दिए जाएंगे।

विवि. का स्थापना दिवस समारोह 14 फरवरी को मनाया जाएगा, जिसमें सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वालों को लैपटॉप दिए जाएंगे। विवि. ने वेबसाइट पर 2012 के विद्यार्थियों की सूची अपलोड की थी। उन्हें समारोह में आने के लिए सूचित भी कर दिया। कुछ दिन पहले इसमें बदलाव कर दिया। वेबसाइट पर 2013 में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वालों की सूची अपलोड कर दी। 2012 के छात्रों के नाम हटा दिए। करीब डेढ़ साल पहले यूनिवर्सिटी में लैपटॉप चुके हैं।

आरोप- सरकार के आदेश की अवहेलना की है

ज्योतिषफलित (2012) के प्रतिभावान छात्र श्रीराम शर्मा ने बताया कि स्थापना दिवस समारोह में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले 36 विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जाने थे। सूची 29 जनवरी 2015 तक बेवसाइट पर उपलब्ध थी। उन्हें फोन करके सूचना भी दी गई थी। 30 जनवरी को सूची बदल दी गई। 2012 के सभी विद्यार्थियों के नाम हटा दिए गए और 2013 के विद्यार्थियों की सूची अपलोड कर दी गई। यह सरकार के आदेश की अवहेलना है। कुलपति और रजिस्ट्रार को तीन दिन पहले लिखित शिकायत कर चुके हैं। इस बारे में कार्यवाहक कुलपति हनुमान सिंह भाटी ने कहा- छात्रों की लिखित शिकायत मिली है। सभी मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप मिलने चाहिए। हम सूची बदलने के मामले की जांच कर रहे हैं। किसी के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।