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एलीवेटेड रोड-फ्लाईओवर से नहीं सुधरेगा यातायात
नगरीयविकास एवं आवासन मंत्री राजपाल सिंह शेखावत ने एक बार फिर से जेडीए अफसरों की मनमानी पर नाराजगी जताई है। शेखावत ने कहा- एलीवेटेड रोड फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं। इससे यातायात दबाव कम नहीं होने वाला, बल्कि बढ़ेगा ही। यातायात दबाव कम करना है तो सार्वजनिक परिवहन सेवा में सुधार जरूरी है। शेखावत ने नगर नियोजन अफसरों पर यह कहते हुए कटाक्ष किया- आज भी विकास किताबों में सिमटा हुआ है। अफसर इन्हें बाहर नहीं निकाल पा रहे हैं।
मंगलवार को ओटीएस सभागार में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय द्वारा राज्य सरकार के सहयोग से सुदृढ़ शहरी परिवहन व्यवस्था के लिए क्षमता संवर्धन कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में शेखावत बोले- सुदृढ़ परिवहन व्यवस्था एवं सुगम यातायात के विषय को गंभीरता से लेना जरूरी है। जयपुर के भीतरी भाग में वाहनों की औसत गति 15-17 किमी प्रति घंटा होने से पेट्रोल, डीजल की खपत के साथ पर्यावरण को भी नुकसान हो रहा है। शहर की 60 फीसदी सड़कों का ही उपयोग हो रहा है। इससे साफ होता है कि शेष 40 फीसदी क्षेत्र में अतिक्रमण अन्य बाधाएं हैं। चौराहे ठीक नहीं हैं। स्लीप लेन पर अतिक्रमण हैं। आमजन को पर्याप्त सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध नहीं। लोग अपने वाहनों से चलते हैं तो भीड़ हो जाती है। जब तक पब्लिक ट्रांसपोर्ट नहीं सुधरेगा, सभी रास्ते नहीं खुलेंगे, यह समस्या बनी रहेगी। स्मार्ट सिटी का उल्लेख करते हुए शेखावत ने कहा- जो मौजूदा सिटी हैं उनमें पूरी सुविधाएं नहीं हैं। पहले उन्हें विकसित करना चाहिए।
अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक जैन ने भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को विस्तार देने की बात कही। इससे पहले केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के निदेशक आरके सिंह ने सुदृढ़ शहरी परिवहन व्यवस्था के विभिन्न आयामों की जानकारी देते हुए कार्यशाला का महत्व बताया। इंस्टीट्यूट ऑफ अरबन ट्रांसपोर्ट (इंडिया) के महानिदेशक सीएल कौल ने अतिथियों का स्वागत किया। शुक्रवार तक चलने वाली इस कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में मुख्य नगर नियोजन प्रवीण जैन, रोडवेज के सीएमडी भास्कर सावंत, जयपुर के संभागीय आयुक्त हनुमान सिंह भाटी, जेसीटीएसएल के प्रबंध निदेशक नरेश शर्मा, जेडीए सचिव पवन अरोड़ा भी मौजूद थे।
शहर की 40% सड़कें काम नहीं रहीं। अतिक्रमण हो रहे हैं। स्लिपलेन और फुटपाथ पर भी चलने को जगह नहीं। इनकी सोचो।