गरबा में मजबूत हुई रिश्तों की बांडिंग
दैनिकभास्कर रजनीगंधा अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव की तीसरी रात भी जयपुर के सैकड़ों परिवारों की शिरकत से दिलकश बन गई। रविवार का अवकाश होने की वजह से लोगों ने घर के सदस्यों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर रिश्तों की डोर को मजबूत किया।
इसके अलावा सैकड़ों लोग ऐसे भी थे जो अपने परिवार के साथ गरबा स्थल पर आए और छुट्टी का जमकर लुत्फ उठाया। गरबा में लोगों की उपस्थिति हर शाम बढ़ती ही जा रही है। प्रताप नगर से आए सक्सेना परिवार के साथ उनके ननिहाल के लोग भी थे। इन लोगों का कहना था कि आज की भागदौड़ वाली जिंदगी में वैसे तो आसानी से मिलना नहीं होता, ऐसे ही मौके होते हैं जब कुछ देर मिल-जुलकर रिश्तों की डोर को मजबूत किया जा सकता है।
बिखरीसतरंगी छटा
तीसरेदिन का गरबा महोत्सव भी अंबे की महाआरती से शुरू हुआ। इशारा मिलते ही रंगों की स्वप्निल छटा वाले परिधानों से सराबोर प्रशिक्षणार्थियों ने हाथों में दीपक लेकर मां भवानी की सामूहिक आरती की। ओम जय हो, जय हो मां जगदंबे... गीत पर लोगों ने आकर्षक डांस किया। आम जनता के लिए बनाए सर्किल को लोगों ने डांडियों की खनक से गुंजा दिया।
महोत्सवकी आज आखिरी रात
चारदिवसीय अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव का सोमवार को आखिरी दिन है। शाम ठीक साढ़े सात बजे समारोह शुरू होगा, जो अंत में पुरस्कार वितरण के साथ संपन्न होगा।
फोटो : मनोज श्रेष्ठ