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गरीबों को यातना देने की प्रयोगशाला बना प्रदेश

7 वर्ष पहले
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जयपुर | मार्क्सवादीकम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की पोलित ब्यूरो सदस्य वृंदा कारत का कहना है कि राजस्थान गरीबों और मजदूरों के शोषण और यातना देने की प्रयोगशाला बन गया है। प्रदेश की मुखिया वसुंधराराजे को बीपीएल से ज्यादा आईपीएल की जानकारी है। कारत ने कहा कि अच्छा होता कि वसुंधरा थोड़ी बहुत जानकारी बीपीएल की भी रखतीं। गुरुवार को पिंकसिटी प्रेस क्लब में प्रो. गंगा सहाय स्मृति व्याख्यान को संबोधित करते हुए वृंदा ने कहा कि राजस्थान सरकार ने सबसे पहले श्रम कानूनों में बदलाव कर मजदूरों की कमर तोड़ने का काम किया है। भूमि अधिग्रहण का नया कानून लाकर किसानों को जमीन से बेदखल करने का षडयंत्र रचा जा रहा है, गरीबों को मुफ्त दवाई देने से मुंह मोड़ रही है और आदिवासियों को उनकी जमीन छीनकर रियल एस्टेट को सौंपने की तैयारी चल रही है।