पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • ध्रुव ने भक्ति से प्रभु को प्राप्त किया : प्रियाशरण

ध्रुव ने भक्ति से प्रभु को प्राप्त किया : प्रियाशरण

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
जयपुर|श्री राधागोपीनाथ मंदिर भक्त मंडल की ओर से पुरानी बस्ती के राधा गोपीनाथ जी मंदिर में चल रही भागवत कथा में 11 वर्षीय बालव्यास प्रियाशरण ने मंगलवार को ध्रुव चरित्र का बखान किया। बालव्यास प्रियाशरण ने कहा कि जिस प्रकार ध्रुव ने दृढ़ इच्छा शक्ति एवं भक्ति से प्रभु को प्राप्त किया, उसी प्रकार हर व्यक्ति को अपने जीवन में ध्रुव चरित्र निर्माण का संदेश दिया। साथ ही भक्त एवं भगवान के संबंध के बारे मे ज्ञान कराया। कथा में में कृष्ण जन्म, नंदोत्सव बधाई गान एवं उछाल का कार्यक्रम हुआ।

उधर विद्याधर नगर के माहेश्वरी भवन में चल रहे भागवत रस रहस्य में स्वामी प्रियाशरण ने कहा कि प्रेम ही ईश्वर है हम सभी को सभी के प्रति प्रेम का भाव रखना चाहिए, जिस व्यक्ति के अंदर निरंतर प्रेम की भावना पल रही हो, वह व्यक्ति किसी भी मंदिर में ईश्वर की पूजा करने वाले पुजारी से कम नहीं है। गोपियों के सरस प्रेम की चर्चा में उन्होंने कहा कि प्रेम करने वालों को तीन पड़ावों से गुजरना पड़ता है समीक्षा, प्रतीक्षा और परीक्षा। कथा रोजाना दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। जवाहर नगर सेक्टर-2 स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर में पंडित मुरारी लाल ने कहा कि श्राद्ध से जिस आत्मा की मुक्ति नहीं होती उसे भागवत मुक्त करती है। जनता कॉलोनी के सामुदायिक भवन में चल रही कथा में आचार्य पुरुषोत्तम शरण ने गोपी रास, गोपी गीत और कृष्ण विरह की पीढ़ा का मार्मिक चित्रण किया। कथा में सियारामदास महाराज, हरीशंकर वेदांती और रामसेवकदास महाराज शामिल हुए।