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समय पर स्कूल पहुंचने से डरे बच्चे, कहा-अगवा हो गए
एक-दूसरे के कपड़े फाड़े
शाहपुरा | स्कूलमें देरी होने पर डर के कारण तीन बच्चों ने मंगलवार को अपने ही अपहरण की साजिश रच डाली। इतना ही नहीं तीन जनों के खिलाफ अपहरण और मारपीट का झूठा आरोप भी लगा दिया। पुलिस ने एक घंटे में ही बच्चों से सच उगलवा िलया।
घटना के अनुसार कस्बे के जयपुर तिराहे के पास रहने वाले नूतन विद्या मंदिर के कक्षा 2 के छात्र किशनलाल सोनी, कक्षा 4 के संजय सोनी मुकेश सोनी को उसके परिजन बाबूलाल ने बाइक का पेट्रोल खत्म होने पर पीपली स्टैंड पर छोड़ दिया था। बच्चे स्कूल में लेट होने पर परिजनों के डर से गंगा मार्केट के पास पहुंचे और टिफिन का खाना खाने के बाद जीप में बैठकर आंतेला उतर गए। घर पहुंचकर उन्होंने तीन जनों के खिलाफ मारपीट अपहरण कर ले जाने और चिल्लाने पर चलती कार से आंतेला स्टैंड पर पटक जाने की सूचना दी। परिजन आंतेला से तीनों बच्चों को लेकर थाने आए और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। बाद में बच्चों ने अपहरण की झूठी कहानी बताई तो परिजन भी शर्मिंदा हुए।
परिजन बच्चों को फटे कपड़ों में देखकर दंग रह गए। बाद में थाना प्रभारी ने पूछताछ की तो तीनों बच्चों ने एक-दूसरे के कपड़े फाड़ने की बात कबूली तथा स्कूल बैग कहीं रखकर आने की बात बताई।
20रुपए के कुरकुरे लिए और 20 किराए के िदए : बच्चोंने बताया कि उनके पास 40 रुपए थे। इनमें से 20 रुपए के कुरकुरे लिए और बाकी बचे 20 रुपए से वे शाहपुरा से जीप में बैठकर आंतेला आने के लिए चालक को किराए के दे दिए।
स्कूलप्रशासन ने समझा श्राद्ध के कारण नहीं आए बच्चे : विद्यालयसचिव विश्वनाथ टेलर ने बताया कि बच्चों के परिजन नरेंद्र सोनी विद्यालय में ही कार्यरत हैं। वे मंगलवार को छुट्टी पर थे। इसलिए स्कूल प्रशासन ने समझा कि शायद श्राद्ध के कारण बच्चे भी स्कूल नहीं आए।