फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन अब ऑनलाइन
जयपुर| फार्मेसीकाउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) नई दिल्ली की ओर से फार्मेसी एक्ट का सख्ती से पालन, क्वालिटी शिक्षा, कोर्स के प्रति आकर्षण बढ़ाने के लिए सभी राज्य सरकार स्टेट फार्मेसी काउंसिल को पत्र लिखा है। इसके मुताबिक राज्यों में डिप्लोमा डिग्री करने वाले छात्रों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होगा। साथ ही फार्मासिस्टों से जुड़े रिकार्ड का डिजिटलाइजेशन होगा।
राजस्थान फार्मेसी काउंसिल में करीब 45 हजार फार्मासिस्ट रजिस्टर हैं। पीसीआई, नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. बी.सुरेश का कहना है कि सभी राज्य सरकार तथा स्टेट फार्मेसी काउंसिल को फार्मेसी में गुणवत्ता शिक्षा, एक्ट के पालन समेत 16 बिंदुओं के क्रियान्वयन के लिए पत्र भेजा है।
पीसीआई सख्त
ये कार्य भी करने होंगे
> ड्रग स्टोर पर दवा वितरण के लिए पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनिवार्यता के लिए काउंसिल की ओर से फार्मेसी निरीक्षक की नियुक्ति करना
> नई दवाओं, साइड इफैक्ट की जानकारी के लिए ड्रग इन्फॉर्मेशन सेन्टर विकसित करना
> काउंसिल की ओर से डिप्लोमा डिग्री किए हुए छात्रों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, नवीनीकरण रिकार्ड का डिजिटलाइजेशन
> संस्थान की फैकल्टी का पंजीकरण, वेतन निर्धारित करना
> संस्थानों का निर्धारित मानदंड के अनुसार निरीक्षण करना
> स्टेट फार्मेसी काउंसिल की ओर से वेबसाइट बनाकर अपडेट करना एवं सतत शिक्षा कार्यक्रम आयोजित
> अलग से फार्मेसी निदेशालय की स्थापना
> फार्मेसी एक्ट 1948 का पालन
> पंजीकृत फार्मासिस्टों को केन्द्र सरकार की नेशनल हैल्थ स्कीम में शामिल
> सरकारी निजी अस्पतालों में रजिस्टर फार्मासिस्टों की ओर से दवा का वितरण करवाना