जयपुर. डॉक्टरों(वैद्य) की भर्ती प्रक्रिया के दस्तावेज गायब करने के आरोप में अशोक नगर थाना पुलिस ने आयुर्वेद विभाग से रिटायर्ड डायरेक्टर कनक प्रसाद व्यास को सोमवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। उदयपुर निवासी आरोपी को कोर्ट ने मंगलवार को पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
एसीपी महेन्द्र सिंह हरसाना ने बताया कि विभागीय जांच के बाद अधिकारियों ने व्यास के खिलाफ 2012 में अशोक नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया कि विभाग ने 1900 डॉक्टरों (वैद्य) की भर्ती प्रक्रिया 2008 में शुरू की थी। अभ्यर्थियों के साक्षात्कार भी लिए थे, लेकिन तब विधानसभा चुनाव आचार संहिता लगने से प्रक्रिया अटक गई। उसके बाद प्रक्रिया फिर शुरू हुई और चार सदस्यों का एक बोर्ड बनाया गया, जिसमें व्यास सचिव थे।
उनके पास ही सारे रिकॉर्ड रखने की जिम्मेदारी थी। साक्षात्कार के बाद बोर्ड ने 378 लोगों का चयन करके मुख्यालय भेज दिया था। इधर विभाग में पहले से ठेके पर लगे कुछ कर्मचारी कोर्ट में चले गए और साक्षात्कार के परिणाम के दस्तावेज मांगे, लेकिन बोर्ड ने नहीं दिए। पता चला कि सभी चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज के अलावा अन्य सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेज गायब हैं। इस पर विभाग ने जांच के बाद व्यास के खिलाफ अशोक नगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने उनको नोटिस दिया और पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया।