जयपुर. प्रदेश की उन सभी कंपनियों को अपना कॉर्पोरेट सोश्यल रिस्पांसिबिलिटी के तहत 2 फीसदी पूंजी सरकार को देनी होगी। इसके लिए कंपनियों की सालाना कमाई 5 करोड़ रुपए या अधिक होनी चाहिए। इसके अलावा जिस कंपनी का सालाना टर्न ओवर 100 करोड़ रुपए है तो भी 2 फीसदी सरकार के आदेशानुसार खर्च करने पड़ेंगे, भले ही लाभ कम हो। स्वायत्त शासन विभाग ने मंगलवार को इस संबंध में एक गाइड लाइन जारी करने का निर्णय किया है।
विभाग के प्रमुख सचिव मनजीत सिंह ने विभिन्न विभागों और कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद यह फैसला किया है। गाइडलाइन जारी होने के बाद सभी कंपनियां सरकार के आदेशानुसार ही सीएसआर का 2 फीसदी हिस्सा खर्च करने के लिए बाध्य हो जाएगी।
स्वायत्त शासन विभाग ने कंपनियों के लिए नई गाइड लाइन जारी करने से पहले सभी विभागों को पत्र जारी कर ब्योरा मांगा है। इसमें विभागों को पूरे प्रदेश में ऐसे स्थान और संस्थान बताने होंगे, जिनमें शौचालय नहीं है। इसके अलावा जिनमें आधारभूत सुविधाएं नहीं है, उनकी संख्या और कुल खर्च का आकलन करके देना होगा। उसके बाद सरकार तय करेगी कि पहले कितने शौचालय बनाए जाने हैं।
इससे पहले स्वायत्त शासन विभाग ने रीको और उद्योग विभाग से पंजीकृत सभी कंपनियों का ब्योरा भी मांगा है, जिनका कारोबार राजस्थान में हैं। इसके अलावा राजस्थान बेस कंपनियां, जिनका कारोबार बाहर है, उनका ब्योरा भी मांगा गया है। उनको कुछ ही दिन में सीएसआर की राशि के संबंध में परिपत्र जारी किए जाएंगे।