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प्रकृति की पूजा करें, जल की बर्बादी ना करें : प्रियाशरण
जयपुर| श्राद्धपक्षमें शहर में जगह-जगह भागवत कथा प्रवचन हो रहे हैं। विद्याधर नगर के माहेश्वरी भवन में चल रहे भागवत रस रहस्य के तहत सोमवार को स्वामी प्रियाशरण ने कहा कि प्रकृति की पूजा करनी चाहिए। जल की बर्बादी नहीं करनी चाहिए और वृक्षों का पोषण करना चाहिए। इस अवसर पर गोवर्धन की पूजा छप्पन भोग की झांकी सजाई गई। मंगलवार को महारास होगा।
पुरानी बस्ती के राधा गोपीनाथ मंदिर में चल रही भागवत कथा में बालव्यास प्रियाशरण ने कहा कि मानव जीवन पाकर यदि प्रभु चिंतन या सत्कर्म नहीं किया तो सब बेकार है। भागवत सुनने से मनुष्य का भगवान से मिलन होता है। शरीर तो नश्वर है, आज नहीं तो कल मिट ही जाएगा।
जनता कॉलोनी के सामुदायिक केंद्र में वृंदावनधाम के आचार्य पुरुषोत्तम शरण महाराज ने पूतना वध और गोवर्धन पूजा का विवेचन किया गया। कथा प्रवचन 18 सितंबर तक प्रतिदिन दोपहर 1:30 से शाम 6 बजे तक होंगे। जवाहर नगर के सेक्टर-2 के नीलकंठ महादेव मंदिर में कथा आचार्य मुरारी लाल ने कहा कि दुख मन का धर्म है, आत्मा का नहीं।