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नो मिनिस्टर

6 वर्ष पहले
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सरकारीमहकमों में या तो लेटलतीफ़ी होती है या फिर हड़बड़ी! पिछले दिनों जल्दबाज़ी में एक पूर्व डीजीपी को राज्य सरकार के एक प्रभावशाली ऑफ़िस से श्रद्धांजलि का प्रेस बयान रिलीज़ कर दिया गया। लेकिन जब कुछ देर बाद पूर्व डीजीपी की कुशलता का समाचार दिया गया तो प्रेस बयान वापस लिया गया!

एकसप्ताह जयपुर में पंजाब के पूर्व सीएम

पंजाबके एक पूर्व सीएम एक सप्ताह तक जयपुर के एक होटल में रुके और चुपचाप वापस लौट गए। दौरा काफ़ी गोपनीय रहा और वे बेहद निजी लोगों से ही मिले। राज्य सरकार ने भी उनकी उपस्थिति को गोपनीय बनाए रखने में मदद की।

‘बू’

पिछलेदिनों हुए जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल की एक गूंज अभी भी बाकी है। यह मामला है आमेर महल के राजसी सोपान पर हुए कहानी पाठ का। नसीरुद्दीनशाह इस कार्यक्रम में सआदत हवन मंटो की कहानी ‘टोबा टेकसिंह’ के साथ-साथ ‘बू’ पढ़ने को ज्यादा उत्कंठित थे, लेकिन कार्यक्रम राज्य सरकार के पर्यटन विभाग का था, इसलिए ‘ब’ हवा हो गई!

चिंता27 फरवरी की!

एकडीजी की रिटायरमेंट पार्टी में सिर्फ़ दस ही अफ़सर आए तो बड़े साहब को 27 फ़रवरी को होने वाली अपनी पार्टी की चिंता सताने लगी। लेकिन एक कम्युनिकेटर अफ़सर ने भरोसा दिलाया कि आपके साथ ऐसा नहीं ही होगा। कहते हैं, दो के प्रति साहब के अति प्रेम ने बाकी से दूरियां बढ़ा दी हैं!

मामा-भांजाआईएएस

राजस्थानकाॅडर में रहे एक युवा आईएएस हैं पीयूष सांवरिया। वे आईएएस एसपी बसवाला के सगे भांजे हैं।