माही-चंबल बेसिन योजना पर काम जल्द
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि प्रदेश की महत्वाकांक्षी माही-चंबल बेसिन जल प्रदाय योजना का काम सबसे पहले शुरू किया जाए। सरकार की यह बड़ी योजना है। इससे लाखों लोगों को पानी का पानी मिलेगा। उन्होंने सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में एक उच्चस्तरीय बैठक में महत्त्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत माही और चंबल बेसिन में चल रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश में जल संरक्षण से सम्बन्धित और वाटर ग्रिड निर्माण के प्रोजेक्ट को समयबद्घ रूप से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट की सफलता में स्थानीय लोगों की भागीदारी बेहद जरूरी है, इसके लिए जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर लोगों को जागरूक करने के लिए पूरे प्रदेश में अभियान चलाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंबल-माही प्रोजेक्ट को चरणबद्घ तरीके से आगे बढ़ाया जाए ताकि प्रदेश के लोगों को पानी की समस्या से जल्द से जल्द निजात मिल सके। उन्होंने इस प्रोजेक्ट में बनने वाली संरचनाओं पर अतिरिक्त ऊर्जा उत्पादन की संभावनाएं भी तलाशने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कम से कम समय में ज्यादा से ज्यादा क्षेत्र को कवर करने के लिए आवश्यक है कि इस विषय के अन्य विशेषज्ञों को भी प्रोजेक्ट के साथ जोड़ा जाए।
उन्होंने बैठक के दौरान वाटरशेड प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले कार्मिकों से केवल वाटरशेड से सम्बन्धित काम ही लेने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान फोर वाटर कॉन्सेप्ट के विशेषज्ञ श्रीराम वैदिरे ने माही और चंबल बेसिन में चल रहे कार्यों की प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया। इस दौरान एन.एम. सदगुरू वाटर एण्ड डवलपमेंट फाउण्डेशन के हरनाथ जगावत ने राजस्थान और गुजरात के आदिवासी क्षेत्रें में जल संरक्षण के लिए उनके द्वारा बनाए गए चैकडेम, एनीकट, वाटर रिजरवायर, सामुदायिक लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया।
बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गुलाब चंद कटारिया, जल संसाधन मंत्री सांवर लाल जाट, कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी, ऊर्जा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, मुख्य सचिव राजीव महर्षि सहित कई अधिकारी मौजूद थे।