विधानसभा का विशेष सत्र कल तक स्थगित
मौजूदा विधानसभा का विशेष सत्र सोमवार को शुरू हुआ। सत्र के पहले दिन पूर्व राज्यपाल, पूर्व सांसद विधायकों समेत जम्मू कश्मीर सहित अन्य क्षेत्रों में आई आपदा से मारे गए लोगों के प्रति शोक व्यक्त किया गया। इसके बाद सत्र बुधवार तक के लिए स्थगित किया गया। विशेष सत्र के पहले दिन कार्यवाही स्थगित किए जाने से पहले स्थगन प्रस्ताव और पर्ची के जरिए कुछ मामले उठाए गए। ऊर्जा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने विद्युत उत्पादन निगम जयपुर और जोधपुर विद्युत वितरण निगम के वार्षिक प्रतिवेदन टेबल किए।
येमुद्दे उठाए गए : सदनमें विशेष अनुरोध करते हुए कांग्रेस के प्रद्युम्न ने सर्प दंश की दवा के नहीं होने का मामला भी उठाया। सदन में कांग्रेस के घनश्याम मेहर ने टोडाभीम में सड़कें बनाने की बात कही। वहीं भाजपा के जगदीश मीणा ने जमीनों के रजिस्ट्रेशन पर रोक हटाने की बात कही। कांग्रेस के रमेश ने सपोटरा के मंडरायल पंचायत समिति बनाए जाने की मांग की। भाजपा के गौतम ने बड़ी सादड़ी में पीएससी सीएससी में डॉक्टरों समेत पर्याप्त स्टाफ नहीं होने का मामला उठाया।
इनकेप्रति जताया शोक : गोवाएवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल मोहम्मद फजल, पूर्व सांसद भैरूं लाल मीणा निर्मला कुमारी शक्तावत, तीन पूर्व विधायक भीमराज मीणा, रघुवर दयाल गोयल, रामेश्वरलाल सैनी एवं जम्मू-कश्मीर में बाढ़ के दौरान मृतकों को श्रद्घांजलि दी गई। विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने शोक प्रस्ताव रखते हुए दिवंगत व्यक्तियों की ओर से राजनीतिक, सामाजिक एवं अन्य क्षेत्रों में दी गई सेवाओं की सराहना की।
सुरक्षाकर्मीकी ओर से दुर्व्यवहार, स्पीकर ने दिए जांच के आदेश : विधानसभामें एक सुरक्षाकर्मी की ओर से आगंतुकों से दुर्व्यवहार का मामला सामने आया। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले जब विधायक और अन्य अधिकारी, कर्मचारी आगंतुक प्रवेश कर रहे थे, इसी दौरान राजकुमार नामक सुरक्षा प्रहरी ने प्रवेश करने के दौरान धक्कामुक्की की। इस पर विरोध जताया तो इस प्रहरी ने अन्य व्यक्तियों से भी दुर्व्यवहार शुरू कर दिया। इसे लेकर आगंतुकों ने विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल से शिकायत की।