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- \"बंदियों की आधारभूत सुविधाओं के लिए क्या कर रही है सरकार\'
\"बंदियों की आधारभूत सुविधाओं के लिए क्या कर रही है सरकार\'
जयपुर| हाईकोर्टने प्रदेश की जेलों में बंदियों के रहवास, स्वास्थ्य, शिक्षा दैनिक भुगतान सहित अन्य आधारभूत सुविधाएं मुहैया कराने के संबंध में सरकार से पूछा है कि वह इसके लिए क्या कर रही है। साथ ही एसीएस होम से 23 जनवरी तक इस संबंध में शपथ पत्र पेश करने के लिए कहा है। न्यायाधीश मोहम्मद रफीक निशा गुप्ता की खंडपीठ ने यह अंतरिम आदेश बुधवार को जेलों में मोबाइल फोन मिलने पर हाईकोर्ट द्वारा लिए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान मामले में दिया। कोर्ट ने कहा कि एक बैरक में चार गुना बंदी हैं और अन्य सुविधाएं भी नहीं हैं, ऐसे में बंदियों की स्थिति देखते हुए सरकार जेल मैन्यूअल, पैरोल रूल प्रिजनर रूल्स में संशोधन क्यों नहीं करती। सुनवाई के दौरान एक एनजीओ ने मामले में पक्षकार बनाने की अर्जी पर अदालत ने एनजीओ को मामले में न्यायमित्र अधिवक्ता प्रतीक कासलीवाल को सहयोग करने के लिए कहा। अदालती आदेश के पालन में सात संभागों के जिला सेशन न्यायाधीशों की ओर से पेश रिपोर्ट में कहा कि जेलों में बंदियों की स्थिति खराब है।