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सांसद आदर्श गांव चुन सकते हैं तो पार्षद आदर्श कॉलोनी क्यों नहीं?
जयपुर| प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी की सांसद आदर्श गांव योजना की घोषणा के बाद प्रदेश के सांसदों ने आदर्श गांव चयन कर लिया। गोद लिए गांवों को आदर्श गांव की तर्ज पर डवलप किया जाएगा। इसमें वहां सभी मूलभूत सुविधा होगी, जो लोगों के लिए आवश्यक हंै। इसी प्रकार शहर को स्वच्छ, सुंदर बनाने के लिए विधायक वार्ड और पार्षद कॉलोनी का चयन कर सकते हैं। इससे शहर का स्वरूप निखरेगा। वार्ड और कॉलोनी के लोगों को मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी। एक के बाद एक परंपरा होने पर शहर नए कलेवर में होगा। विधायकों और पार्षदों के सामने पांच साल में उपलब्धि बताने के लिए उदाहरण होगा।
जनप्रतिनिधि बोले
^शहर के िवकास के लिए अच्छा सुझाव है। इस पर विचार किया जाएगा। प्लानिंग से काम किया जाता है तो शहर का विकास बेहतर हो सकेगा।
-निर्मल नाहटा,मेयर
^पार्षद को कॉलोनी की अपेक्षा पूरे वार्ड को आदर्श गांव की तर्ज पर विकसित करना चाहिए। ताकि भेदभाव के आरोप नहीं लग सकेंगे। वैसे भी वार्ड परिसीमन के बाद छोटे हो गए हैं। -मनोजभारद्धाज, डिप्टीमेयर
सुझाव बहुत अच्छा है, इसेआगे बढ़ाएंगे
प्रधानमंत्री की गांव गोद लेने की योजना अच्छी है। विधायकों और पार्षदों को भी वार्ड और कॉलोनी गोद लेनी चाहिए। यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू होनी चाहिए। -कालीचरणसर्राफ, विधायकएवं शिक्षा मंत्री
^आदर्श गांव बनाने की योजना अच्छी है। वार्ड और कॉलोनी के लिए भी पार्टी स्तर पर चर्चा की जाएगी। पार्टी जो भी निर्णय करेगी, उसको मूर्तरूप दिया जाएगा। वैसे भी विधायक और पार्षद क्षेत्र के विकास में लगे हुए हैं। -अरुणचतुर्वेदी, विधायकएवं सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री
^गोद लेने की प्रक्रिया अच्छी है। यह व्यवस्था लागू हो जाती है तो शहर का विकास होगा। विधायक कोष का भी सदुपयोग हो सकेगा। पार्षदों के पास कोष नहीं, लेकिन वे निगम के जरिए आदर्श कॉलोनी बना सकते हैं।
-सुरेंद्रपारीक, विधायक,हवामहल