जनवरी तक बनेगा अजमेर का विजन डॉक्यूमेंट
जयपुर | नगरीयविकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक जैन ने अजमेर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए जनवरी 2015 तक विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के निर्देश दिए। विजन डॉक्यूमेंट के साथ स्मार्ट सिटी के 11 प्रारंभिक काम 2016 तक पूरा करने होंगे। उन्होंने अजमेर विकास प्राधिकरण को नोडल एजेंसी बनाकर तत्काल कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अजमेर एक ऐतिहासिक शहर है और स्मार्ट सिटी बनने के लिए उपयुक्त है। स्मार्ट सिटी विजन डॉक्यूमेंट बनाते समय धरोहर को बचाने तथा पर्यावरण के साथ छेड़छाड़ भी नहीं हो, इसका विशेष ध्यान रखना है। उन्होंने किशनगढ़ और पुष्कर को भी इसमें सम्मिलित करते हुए विजन डॉक्यूमेंट में शामिल करने को कहा।
क्योंकि यह दोनों शहर अजमेर के काउंटर सिटी हैं।
स्मार्ट सिटी के लिए चार प्रकार के इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
फिजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर
फिजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर के तहत सड़क, यातायात, बाईपास, रेलवे, सार्वजनिक निर्माण विभाग, हवाई अड्डा से जुड़ी सभी सुविधाओं का ऐसा विस्तार हो कि शहर में आने वाले नागरिक पर्यटक और श्रद्घालुओं को पूरी तरह से सुविधा मिल सके। शहर अतिक्रमण मुक्त हो इसे ध्यान में रखकर समन्वित प्रयास करने होंगे।
सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर
सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर में चिकित्सा, शिक्षा, पर्यटन आदि क्षेत्रों की आधारभूत सुविधाओं का इस तरह से विस्तार करना होगा। जिससे नागरिकों के साथ-साथ बाहर से आने वाले लोगों को आसानी से शिक्षा, चिकित्सा की सेवाएं सुलभ हो सके। पर्यटन क्षेत्रों को ओर विकसित कर अधिक आकर्षक बनाएं जाएं।
इंस्टीट्यूशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर
इन्स्टीट्यूशन इन्फ्रास्ट्रक्चर के तहत बैंक सहित विभिन्न विभागों की शाखाओं कार्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हो और दी जाने वाले सुविधाएं आम लोगों के लिए पर्याप्त रहें।
सर्विसेज इन्फ्रास्ट्रक्चर
सर्विसेस इन्फ्रास्ट्रक्चर के तहत आम लोगों को सभी प्रकार की सुविधाएं स्वीकृतियां आसानी से उपलब्ध हो जाएं, जिनकी वे मांग करते हैं। निगम से जुड़े कार्यों की स्वीकृति त्वरित मिले। पुलिस से मांगी जाने वाली स्वीकृति नियमों के तहत तत्काल मिलनी चाहिए। रेलवे, बीएसएनएल सहित अन्य विभागों को भी इसमें जोड़ा जाना होगा। घर बैठे इन्टरनेट पर व्यक्ति को सुविधा जानकारी उपलब्ध होती है तो वे स्मार्ट