रजत बने गोल्डन ब्वॉय
राजस्थानके रजत चौहान और स्वाति दुधवाल ने केरल में चल रहे 35वें नेशनल गेम्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए रविवार को स्वर्ण पदक जीत लिए। चौहान ने दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। वहीं स्वाति ने एक स्वर्ण पर निशाना लगाया। जयपुर के रजत ने कंपाउंड वर्ग में व्यक्तिगत तथा स्वाति के साथ मिश्रित टीम स्पर्धा का स्वर्ण जीता। कंपाउंड में राजस्थान ने पहली बार नेशनल गेम्स में स्वर्ण जीता है। वहीं महिला वर्ग में सुजानगढ़ की स्वाति ने राजस्थान को पहला स्वर्ण दिलाया है। रजत ने पुरुष टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता।
िदल्लीके अभिषेक वर्मा को हराया रजत चौहान ने
कंपाउंडव्यक्तिगत स्पर्धा में रजत ने इंचियोन एशियन गेम्स की चैंपियन टीम के अपने साथी दिल्ली के अभिषेक वर्मा को हराया। उन्होंने फाइनल मुकाबला 145-142 से जीता। इसी तरह रजत स्वाति की मिश्रित टीम ने पंजाब को 146-145 से मात दी। पुरुष टीम स्पर्धा में राजस्थान को रजत पदक मिला। इस टीम में रजत चौहान के अलावा रवि शर्मा, सर्वेश पारीक तेजराज सिंह शामिल थे। फाइनल में पंजाब ने उसे शूटऑफ में हराया। फाइनल तक स्कोर 229-229 था।
पदक के साथ (बाएं से) तेजराज, रजत चौहान, धनेश्वर मईडा (कोच), सर्वेश पारीक और रवि शर्मा।
तािलका में 16वां स्थान
राजस्थानके कुल 9 पदक हो गए हैं। तािलका में वह 16वें स्थान पर है। उसने अब तक तीन स्वर्ण चार रजत जीते हैं।
सरकार ने नहीं दिया इनाम, फिर भी उत्साह बनाए रखा
रजतने इंचियोन एशियन गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीता था। राजस्थान के अन्य खिलाड़ियों ने भी एशियन गेम्स में पदक जीते थे। इनको अभी तक एक भी रुपए का इनाम नहीं मिला है। इसके बावजूद रजत ने अपना उत्साह बनाए रखा और नेशनल गेम्स में दो स्वर्ण पदक जीते।
जिनको पुलिस ने स्टेडियम से बाहर कर दिया था, उन्होंने ही बढ़ाया राजस्थान का मान
नेशनलगेम्स लिए राजस्थान के इन सभी तीरंदाजों ने अपने दम पर तैयारी की। इस दौरान गणतंत्र दिवस समारोह के लिए तैनात पुलिसकर्मियों ने एक बार इन तीरंदाजों को स्टेडियम में प्रवेश नहीं करने दिया और बाहर निकाल दिया था। अब उन्हीं तीरंदाजों ने नेशनल गेम्स में राजस्थान का मान बढ़ाया है। इन तीरंदाजों के लिए राज्य खेल परिषद या राज्य तीरंदाजी संघ ने भी किसी तरह का प्रशिक्षण शिविर नहीं लगाया था।