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अब सरकार देगी रामबाग गोल्फ कोर्स की सदस्यता

6 वर्ष पहले
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रामबाग गोल्फ क्लब में सदस्यता देने का काम अब सरकार की देखरेख में होगा। नाम भी बदलकर जेडीए गोल्फ कोर्स किया जाएगा। सदस्यता को लेकर होने वाली बैठक में जब तक एसीएस यूडीएच या जेडीसी नहीं होंगे, तब तक नए लोगों को सदस्यता नहीं दी जा सकेगी। इसके साथ ही क्लब को संचालित करने की जिम्मेदारी भले ही गोल्फ कोर्स की होगी, लेकिन इसकी मॉनिटरिंग जेडीए या सरकार की रहेगी। राज्य सरकार ने जेडीए और रामबाग गोल्फ क्लब के मध्य एमओयू (मैमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैडिंग) का प्रारूप तैयार करने के लिए जेडीए सचिव पवन अरोड़ा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी ने एमओयू की शर्तें तय कर राज्य सरकार को सौंप दी हैं। इन शर्तों में क्लब की सदस्यता को लेकर यह बात प्रपोज की गई है।

इसके साथ ही कमेटी ने सालाना लीज राशि गोल्फ क्लब से लिए जाने की शर्त भी प्रारूप में शामिल की है, लेकिन यह राशि कितनी ली जाए, इसका निर्धारण राज्य सरकार पर छोड़ा है। इन मामलों को लेकर अब 13 फरवरी को नगरीय विकास विभाग और जेडीए अफसरों की बैठक होगी। गौरतलब है कि गोल्फ क्लब में कई लोगों को सदस्यता देने का विवाद खूब गहराया था। ऐसे कई लोगों की सदस्यता को लेकर रिव्यू भी इस बैठक में होगा।

26दिसंबर को गठित हुई थी 6 सदस्यीय कमेटी

जेडीएसचिव पवन अरोड़ा की अध्यक्षता में बनी 6 सदस्यीय कमेटी में वरिष्ठ संयुक्त विधि परामर्शी (नगरीय विकास विभाग), जेडीए के जोन-1 उपायुक्त, नगर निगम के सिविल लाइन्स जोन आयुक्त, गोल्फ क्लब के कैप्टन और सचिव को शामिल किया गया था। इस संबंध में एसीएस यूडीएच ने 26 दिसंबर 2014 को एक बैठक आयोजित कर निर्देश जारी किए गए थे।

महेश शर्मा| जयपुर

@mahesh07

रामबाग गोल्फ क्लब में सदस्यता देने का काम अब सरकार की देखरेख में होगा। नाम भी बदलकर जेडीए गोल्फ कोर्स किया जाएगा। सदस्यता को लेकर होने वाली बैठक में जब तक एसीएस यूडीएच या जेडीसी नहीं होंगे, तब तक नए लोगों को सदस्यता नहीं दी जा सकेगी। इसके साथ ही क्लब को संचालित करने की जिम्मेदारी भले ही गोल्फ कोर्स की होगी, लेकिन इसकी मॉनिटरिंग जेडीए या सरकार की रहेगी। राज्य सरकार ने जेडीए और रामबाग गोल्फ क्लब के मध्य एमओयू (मैमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैडिंग) का प्रारूप तैयार करने के लिए जेडीए सचिव पवन अरोड़ा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी ने एमओयू की शर्तें तय कर राज्य सरकार को सौंप दी हैं। इन शर्तों में क्लब की सदस्यता को लेकर यह बात प्रपोज की गई है।

इसके साथ ही कमेटी ने सालाना लीज राशि गोल्फ क्लब से लिए जाने की शर्त भी प्रारूप में शामिल की है, लेकिन यह राशि कितनी ली जाए, इसका निर्धारण राज्य सरकार पर छोड़ा है। इन मामलों को लेकर अब 13 फरवरी को नगरीय विकास विभाग और जेडीए अफसरों की बैठक होगी। गौरतलब है कि गोल्फ क्लब में कई लोगों को सदस्यता देने का विवाद खूब गहराया था। ऐसे कई लोगों की सदस्यता को लेकर रिव्यू भी इस बैठक में होगा।

26दिसंबर को गठित हुई थी 6 सदस्यीय कमेटी

जेडीएसचिव पवन अरोड़ा की अध्यक्षता में बनी 6 सदस्यीय कमेटी में वरिष्ठ संयुक्त विधि परामर्शी (नगरीय विकास विभाग), जेडीए के जोन-1 उपायुक्त, नगर निगम के सिविल लाइन्स जोन आयुक्त, गोल्फ क्लब के कैप्टन और सचिव को शामिल किया गया था। इस संबंध में एसीएस यूडीएच ने 26 दिसंबर 2014 को एक बैठक आयोजित कर निर्देश जारी किए गए थे।

शर्तें सरकार को भेजीं: अरोड़ा

^हमनेशर्तें सरकार को भिजवा दीं है। इनमें प्रमुख तौर पर क्लब की सदस्यता से जुड़े मामले प्रेसिडेंट और वाइस प्रेसिडेंट की उपस्थिति में तय करने सहित गोल्फ कोर्स पर कंट्रोल जेडीए का और अंदरूनी मैनेजमेंट क्लब का रखने की सिफारिश की है। नाम भी जेडीए गोल्फ कोर्स करने को कहा है। पवनअरोड़ा, सचिव, जेडीए (नगरीय विकास विभाग की ओर से बनी कमेटी के अध्यक्ष)

{ क्लब की रैवेन्यू बढ़ाने और इससे जुड़ी कार्रवाई के लिए खुद ही काम करेंगे, लेकिन क्लब मौके पर दूसरा कोई निर्माण नहीं करेगा, जो कि जेडीए की ओर से स्वीकृत नहीं है।

{ कमेटी की ओर से राज्य सरकार को भेजी सिफारिशों में कहा गया है कि यह एमओयू 19 साल के लिए रखा जाए। जिसे आगे दोनों पक्षों की सहमति के आधार पर बढ़ाया जा सकेगा।

{इस 18 होल गोल्फ कोर्स का पूरा नियंत्रण और सुपरविजन फ़र्स्ट पार्टी यानी जेडीए का होगा और यह ‘जेडीए गोल्फ कोर्स’ के नाम से ही जाना जाएगा। साथ ही इसे संचालित और अंदरूनी मैनेजमेंट का काम सैकंड पार्टी यानी क्लब का ही रहेगा, जो कि इसके खुद के संविधान और एसोसिएशन की सामग्री के आधार पर होगा।

इस बदलाव के पीछे की कहानी

नाबालिगोंको दी थी सदस्यता, संधू पर उठे थे सवाल

सदस्यतामामले में पूर्व एसीएस जीएस संधू पर सवाल उठे थे कि उन्होंने अपने चहेतों सहित नाबालिगों तक को मैंबर बना दिया। विवाद कोर्ट भी पहुंचा। मामले के निपटारे के लिए हाईकोर्ट ने 5 फरवरी 2014 को निर्देश जारी किए। जिनकी पालना में ही 26 दिसंबर 2014 को नगरीय विकास विभाग ने बैठक लेकर कमेटी का गठन किया। 13 फरवरी को प्रस्तावित बैठक में सदस्यता के मामले भी रिव्यू होंगे।