परकोटा: अतिक्रमण पर कोर्ट सख्त
राजस्थान हाईकोर्ट में ड्राइवर भर्ती
876अभ्यर्थियों के आवेदन खारिज
हाईकोर्टने शहर में परकोटे पर होने वाले अवैध निर्माण अतिक्रमण पर सख्ती दिखाते हुए इसके सेन्टर से पांच-पांच मीटर के दायरे में किसी भी तरह का निर्माण कार्य नहीं करने का निर्देश दिया है और सरकार को कहा है कि कोर्ट की मंजूरी के बिना परकोटे की मरम्मत भी नहीं की जाए। वहीं अदालत ने परकोटे की मॉनिटरिंग के लिए नगर निगम के कमिश्नर की अध्यक्षता में एक स्पेशल सेल बनाने और उसे हर महीने रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुनील अंबवानी न्यायाधीश प्रकाश गुप्ता की खंडपीठ ने यह अंतरिम आदेश बुधवार को बृजमोहन जांगिड़ की जनहित याचिका पर दिया।
अदालत ने कहा कि परकोटे की मरम्मत के लिए सरकार पहले दो चरण के लिए 30.50 करोड़ रुपए की राशि मुहैया कराए और परकोटे से संबंधित मुकदमों में अधीनस्थ कोर्ट कोई दखल नहीं दें। यदि परकोटे की मरम्मत संबंधी कार्य हो तो वह पहले स्पेशल सेल को प्रार्थना पत्र दें और सेल इससे अदालत को अवगत कराए। गौरतलब है कि याचिका में कहा था कि अवैध निर्माण अतिक्रमण के कारण परकोटा शहर में कई जगह से क्षतिग्रस्त हो गया है और धीरे-धीरे इसका अस्तित्व खत्म होता जा रहा है। इसलिए इसे रोका जाए। अदालती आदेश के पालन में पूर्व में एक कमेटी गठित हुई और इसके जीर्णोद्धार संरक्षण के लिए एक डीपीआर प्रोजेक्ट बना। प्रोजेक्ट में परकोटे का जीर्णोद्धार चार चरणों में करने और इस पर 131 करोड़ रुपए खर्चा होना बताया।