सिटी रिपोर्टर } जयपुर
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पत्थरतो एकसमान ही होते हैं, निर्भर करता है तराशने वाला उसे किस नजर से देखता है। राजस्थान यूनिवर्सिटी के विजुअल आर्ट्स विभाग और कलावृत्त के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को 10 दिवसीय नेशनल स्कल्प्चर वर्कशॉप की शुरुआत हुई। इसका उद्घाटन फैकल्टी ऑफ फाइन आर्ट्स के पूर्व डीन प्रो.सी.एस मेहता ने किया।
विजुअल आर्ट्स विभाग के हेड रजत पांडेल ने कहा कि मूर्तिकला को वर्ल्ड लेवल पर लाने की कोशिश की जा रही है। हम सुबह से शाम तक औजारों से पत्थर को तराशते हैं फिर भी उस में कुछ कमी ही लगती है, इसलिए इस फील्ड में थ्योरी कम और प्रैक्टिकल ज्यादा काम आता है। यह देख कर खुशी होती है कि आज नौजवान भी इस फील्ड में कॅरिअर बना रहे हैं। 6 शहरों से आए 30 से ज्यादा मूर्तिकला विशेषज्ञ इस वर्कशॉप में भाग ले रहे हैं। कलावृत्त के चेयरमैन संदीप शर्मा ने कहा कि इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य मूर्तिकला को प्रमोट करना और युवा मूर्ति कलाकारों को और ज्यादा प्रोफेशनल बनाना है।
Sculpture Workshop
} आरयू में बुधवार को शुरू हुई 10 दिवसीय स्कल्पर वर्कशॉप
युवा मूर्तिकारों को मिलेगा प्रमोशन