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पुलिस की नौकरी से मोहभंग, 72 थानेदारों की नियुक्तियां निरस्त
युवाओंका पुलिस की नौकरी से मोह भंग हो रहा है। रोजाना 16 से 20 घंटे की पुलिस की तनाव की ड्यूटी करने के बजाय वे टीचर बनना या दूसरे विभागों की आराम की नौकरी करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। पुलिस में 2010 में चयनित थानेदारों (सब इंस्पेक्टर) ने जब थानों पर जाकर पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली को समझा तो उन्होंने पुलिस विभाग में ज्वॉइन करने से ही मना कर दिया।
पुलिस मुख्यालय ने 72 अभ्यर्थियों को नियुक्त पत्र दे दिए थे और जयपुर जोधपुर स्थित प्रशिक्षण संस्थान में ज्वाॅइन करने के निर्देश दिए थे, लेकिन इन अभ्यर्थियों ने ज्वॉइन नहीं किया। इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने प्रत्येक अभ्यार्थी को तीन-तीन बार नोटिस दिया था। इसके बाद जब अभ्यर्थियों ने ज्वॉइन नहीं किया तो पुलिस मुख्यालय ने इन सभी अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र निरस्त करने के आदेश आरपीएससी, एडीजी ट्रेनिंग और आरपीए डॉयरेक्टर को दिए है।
किसी दूसरी जॉब में चले गए
^450 अभ्यार्थी पिछले तीन माह से प्रशिक्षण संस्थान में ट्रेनिंग ले रहे हैं। 72 अभ्यर्थियों को ज्वाॅइन करने के लिए बार-बार नोटिस दिया था। इसके बाद भी ज्वाॅइन नहीं करने पर नियुक्तियां निरस्त की गईं। जिन्होंने ज्वॉइन नहीं किया वे किसी दूसरी जॉब में चले गए। प्रशाखामाथुर, आईजी,पुलिस मुख्यालय
दूसरों को मिलेगा मौका
नियुक्तियांनिरस्त करने के आदेश से उन अभ्यर्थियों को फायदा मिलेगा। जिनका तय सीटों पर चयन नहीं हो पाया था। जिन अभ्यर्थियों की नियुक्तियां निरस्त हुई हैं। उनकी जगह वरीयता सूची के आधार पर उन अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। जिनका नाम पहले सूची में नहीं आया था।
यह था मामला
आरपीएससीने 2010 में पौने पांच सौ पदों के लिए सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। चयनित अभ्यर्थियों को पुलिस मुख्यालय ने 2 जून, 2014 को नियुक्ति पत्र देकर प्रशिक्षण संस्थान में ड्यूटी ज्वॉइन करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद मुख्यालय ने 8 और 15 अगस्त काे भी नोटिस दिए थे। 450 अभ्यर्थियों ने ज्वॉइन कर लिया था, लेकिन 72 ने नियुक्ति पत्र मिलने के बाद भी ज्वॉइन नहीं किया। इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने इनको नोटिस भी दिए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर पुलिस मुख्यालय ने नियुक्ति के आदेश निरस्त कर दिए।
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