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सोढ़ाला की 6 कॉलोनियों में 110 लोगों को पीलिया

7 वर्ष पहले
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जयपुर. सोढ़ाला क्षेत्र की आधा दर्जन कॉलोनियों में दूषित पानी से पीलिया फैलने के मामले पर जलदाय विभाग व चिकित्सा विभाग आमने सामने हो गए हैं। क्षेत्र में मरीजों के सर्वे व पानी के सैंपल लेने के दौरान शुक्रवार को दोनों ही विभागों के अधिकारियों के मतभेद खुलकर सामने आए।
चिकित्सा विभाग के संयुक्त निदेशक के. के. शर्मा ने जलदाय विभाग के एक्सईएन मुकेश गोयल व एईएन दीपक शर्मा को मौके पर बुलाकर गंदे पानी की नालियों से गुजर रहे पेयजल कनेक्शन दिखाए। वहीं एक्सईएन गोयल ने कहीं पर भी दूषित पानी सप्लाई होने को सिरे से खारिज कर दिया। इस पर चिकित्सा विभाग के संयुक्त निदेशक व एक्सईएन के बीच गरमागरमी भी हुई।
पीड़ितों की संख्या ज्यादा
सोडाला क्षेत्र के सुशीलपुरा, गणेशनगर, गायत्रीनगर, जमना डेयरी, फूटल्या का बाग, कुमावत कॉलोनी सहित अन्य इलाकों में चिकित्सा विभाग के सर्वे में 110 से ज्यादा लोगों के पीलिया होने का खुलासा हुआ है। हालांकि लोगों ने पीलिया पीडितों की संख्या 150 से ज्यादा बताई है।
चिकित्सा विभाग के संयुक्त निदेशक के. के. शर्मा व सीएमएचओ (द्वितीय) की ओर से क्षेत्र के दौरे में सामने आया कि पानी के अधिकांश कनेक्शन वहां के गंदे नालों से गुजर रहे हैं। ऐसे में घरों में दूषित पानी सप्लाई होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
एक्सईएन व एईएन को बचा रही हैं जलदाय मंत्री
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में दूषित पानी के बाद फैले पीलिया से हुई मौत के बावजूद जलदाय मंत्री किरण माहेश्वरी विभाग के एक्सईएन मुकेश गोयल व एईएन दीपक शर्मा को बचा रही है। चिकित्सा विभाग की ओर से पीलिया के लिए दूषित पानी की सप्लाई को जिम्मेदार बताने के बावजूद भी एक्सईएन व एईएन के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
क्लोरीनेशन के बिना सप्लाई
सोढ़ाला में अिधकतर जगह ट्यूबवेल व टैंकरों से पानी सप्लाई होता है। ट्यूबवेल से सप्लाई हो रहे पानी का ट्रीटमेंट व क्लोरीनेशन करने की विभाग के पास कोई व्यवस्था नहीं है। इससे सीवरेज लाइनों से गुजर रहे कनेक्शनों के जरिए दूषित पानी घरों तक पहुंचने की आशंका है। हालांकि मामला सामने आने के बाद एक ट्यूबवेल पर ऑनलाइन क्लोरीनेशन मशीन लगाई गई है।
मौके पर ही भिड़ने लगे दोनों विभागों के अफसर
चिकित्सा विभाग की टीम ने जलदाय विभाग के इंजीनियरों को भी मौके पर बुला लिया। लेकिन एक्सईएन मुकेश गोयल व एईएन दीपक शर्मा ने मेडिकल टीम के सामने ही दूषित पानी सप्लाई होने की बात को नकारा तथा पानी के सैंपल साफ होने का दावा करते रहे। इंजीनियरों ने सुशीलपुरा क्षेत्र में अवैध कनेक्शन व सर्विस पाइपलाइन की उपभोक्ताओं पर ही जिम्मेदारी होने की बात कह कर पल्ला झाड़ लिया। वहीं दूषित पानी सप्लाई होने पर सुशीलपुरा क्षेत्र के लोगों ने भी जलदाय विभाग के इंजीनियरों का विरोध किया। लोगों ने आरोप लगाया है कि 10 से 25 नवंबर के बीच पूरे क्षेत्र में दूषित पानी की सप्लाई हुई थी। इसके बाद यह दूषित पानी कम सप्लाई हुआ है। दूषित पानी के कारण ही पूरे क्षेत्र में पीलिया फैला है। इसके लिए जलदाय विभाग के एक्सईएन व एईएन जिम्मेदार है।