\"श्रीमद्भागवत गीता वैश्विक ग्रंथ है\'
जयपुर| गीताको राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की मांग के मामले में आचार्य किरीट भाई ने कहा कि भागवत गीता राष्ट्रीय नहीं, एकमात्र वैश्विक ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि गीता कोई वाद या विवाद लेकर नहीं चला है। विद्याधर नगर के ज्योतिबा फुले राष्ट्रीय संस्थान में चल रहे रामकथा महोत्सव में शुक्रवार को मीडिया से रूबरू आचार्य किरीट ने कहा कि यह संप्रदायवाद लेकर भी नहीं चला। यह द्वैतवाद, अद्वैतवाद या विशिष्ट अद्वैतवाद लेकर भी नहीं चला। गीता का स्तर वैश्विक इसलिए है, क्योंकि अर्जुन का एक भी सवाल युद्ध विषयक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इन सबसे उठकर देखें तो 700 श्लोकों में सनातन शब्द है, हिंदू शब्द है ना धर्म का उल्लेख है। गीता मानव व्यवहार बनाती है, इसलिए गीता वैश्विक ग्रंथ है राष्ट्रीय ग्रंथ नहीं है। गीता मानव जाति के लिए एक विश्व कोष है।