पैसे की कमी के कारण किया रैफर
गणगौरीअस्पताल में पीलिया और ब्लड की कमी से मरने वाली जमुना रॉय को जिस प्राइवेट अस्पताल (शरद हॉस्पिटल) से रैफर किया गया, वह गणगौरी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अजय माथुर की प|ी का ही है।
जमुना को जिस दिन शरद हॉस्पिटल से रैफर किया गया, उस दिन भी वह गंभीर हालत में थी और उसके पास इलाज के लिए पैसों की कमी थी, इसलिए उसे सरकारी गणगौरी अस्पताल में जाने को कह दिया, लेकिन पहुंचने के कुछ देर बाद ही वहां उसकी मौत हो गई। इस मामले में अस्पताल अधीक्षक डॉ. अजय माथुर ने कहा है कि महिला को बेहतर उपचार मिल सके, इसीलिए गणगौरी अस्पताल में रैफर किया गया था। वहां उसे तुरंत बेड मिल गया और उपचार शुरू हो गया। मैंने उसके पति से चार यूनिट ब्लड बिना डोनर के ही लाने को कहा था, लेकिन उससे वह पर्ची कहीं खो गई। इससे ब्लड नहीं ला सका।
निजी अस्पताल से घर भेजते ही बिगड़ गई थी तबीयत:
जमुना रॉय को दो दिसम्बर शरद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। चार दिसम्बर को उसकी सीजेरियन डिलीवरी की गई। सात दिसम्बर को घर भेज दिया गया। दो दिन बाद ही जमुना की तबीयत फिर खराब हुई और दस दिसम्बर को परिजन शरद हॉस्पिटल ले आए। यहां कछ घंटे रखने के बाद ही जमुना को गणगौरी अस्पताल भेज दिया गया।
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गणगौरी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अजय माथुर से बातचीत
सवाल - जमुना की मौत की मुख्य वजह क्या रही?
जबाव - उसे डीप जॉन्डिस था, लीवर फैलियर हो चुका था और कोमा की स्थिति बन गई थी। वहीं शरीर में ब्लड की भी काफी कमी हो गई थी।
सवाल : क्या श्याम नगर स्थित शरद हॉस्पिटल आपका है?
जबाव: यह मेरी प|ी का हॉस्पिटल है।
सवाल : जमुना रॉय को आपके यहां भर्ती कराया गया था, तो उसे रैफर क्यों किया गया?
जबाव : जमुना गर्भवती थी और उसे पीलिया था। बच्चे को पीलिया से बचाने के लिए सीजेरियन किया गया। दो दिन बाद उसकी तबीयत ठीक थी तो उसे छुट्टी दे दी।
सवाल : दस दिसम्बर को उसे आपके शरद हॉस्पिटल में भर्ती कराया था, फिर भी उसे गणगौरी अस्पताल रैफर किया गया?
जबाव : उसकी आर्थिक स्थिति सही नहीं थी और इसलिए सरकारी अस्पताल में सही-सस्ता इलाज मिलने को कहा था।
जमुना को दो दिसम्बर शरद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। 4 दिसंबर को सीजेरियन डिलीवरी की गई। 7 दिसंबर को घर भेज दिया। 2 दिन बाद ही जमुना की तबीयत फिर खराब हुई और दस दिसंबर को परिजन शरद हॉस्